Satcom सेवाओं के लिए DCC ने TRAI की सिफारिशों को दी हरी झंडी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026

नयी दिल्ली, आठ सितंबर दूरसंचार विभाग के निर्णायक निकाय डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने उपग्रह संचार सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की अधिकांश सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक सूत्र ने कहा कि डीसीसी की तीन सितंबर को हुई बैठक में उपग्रह संचार (सैटकॉम) पर ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।

ट्राई ने मई, 2025 में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम पांच साल के लिए आवंटित करने की सिफारिश की थी, जिसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है। नियामक ने सैटकॉम सेवा प्रदाताओं से सालाना समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का चार प्रतिशत स्पेक्ट्रम शुल्क लेने की सिफारिश की थी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग पांच प्रतिशत शुल्क लगाने के पक्ष में है।

स्टारलिंक और अमेजन की अनुषंगी कंपनी कुइपर सिस्टम्स ने ट्राई के साथ परामर्श के दौरान स्पेक्ट्रम शुल्क को एजीआर के एक प्रतिशत से कम रखने और कोई अन्य शुल्क नहीं लगाने की मांग की थी। ट्राई की सिफारिश है कि भूस्थिर कक्षा (जीएसओ) और गैर-भूस्थिर कक्षा (एनजीएसओ) दोनों के ऑपरेटर से एजीआर का चार प्रतिशत स्पेक्ट्रम शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम सालाना शुल्क 3,500 रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज होगा।

एनजीएसओ में निचली पृथ्वी कक्षा (एलईओ) और मध्यम पृथ्वी कक्षा (एमईओ) में स्थित उपग्रह शामिल हैं। इसके विपरीत, जीएसओ उपग्रह पृथ्वी के सापेक्ष एक निश्चित स्थिति में रहते हैं। शहरी क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले ऑपरेटर पर प्रति ग्राहक सालाना 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाने की भी सिफारिश की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं पर ऐसा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा।

प्रमुख खबरें

CMRL रिश्वत मामले में ED के पत्र पर कार्रवाई को सरकार बाध्य, बोले Kerala के गृहमंत्री

China Masters जीत के बाद Satwik-Chirag की नजर Asian Games Gold पर, बोले- परिणाम नहीं खेल पर है फोकस

Bihar में World Bank की मदद से ₹4415 करोड़ की Irrigation Project लागू

Jammu Kashmir के भद्रवाह में Vasuki Nag मंदिर से कैलाश कुंड यात्रा शुरू