By जे. पी. शुक्ला | May 25, 2021
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कहा है कि मौजूदा कोविड स्थिति के कारण एएसआई के तहत आने वाले सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारकों, स्थलों और संग्रहालयों को तत्काल प्रभाव से 15 मई तक या अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इनमें 3,693 स्मारक और 50 संग्रहालय शामिल हैं। इस सिलसिले में एएसआई द्वारा एक आदेश द्वारा जारी किया गया था और इसे संस्कृति मंत्री ने ट्वीट करके सूचित किया था। भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दुनिया भर में कोविड-19 मामलों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या वाला देश बनने के लिए ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है।
मंत्रालय के मीडिया सलाहकार ने कहा कि पुरी जगन्नाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर जैसे स्मारकों में दैनिक पूजा की जाएगी, लेकिन किसी भी सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं होगी।
दिल्ली में एएसआई के लगभग 170 ऐतिहासिक स्थल हैं और केवल 13 मोनुमेंट्स जैसे लाल किला, हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार, सफदर जंग का मकबरा, पुराना किला और हौज खास में पेड एंट्री होती है। लाल किला, कुतुब मीनार, और हुमायूँ का मकबरा शहर के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थलों में से हैं और इनमें हर दिन लगभग 10,000 विज़िटर्स आते हैं।
यह दुर्लभ अवसरों में से एक है जब ताजमहल को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। आगरा सर्कल के एक एएसआई पुरातत्वविद् ने कहा कि स्मारक पहले 1971 में भारत-पाक युद्ध के मद्देनजर कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। एएसआई ने पहले ही केरल, ओडिशा और कर्नाटक में कुछ स्मारकों को बंद कर दिया है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा मैनेज किये जाने वाले प्रसिद्ध कांगड़ा किले सहित कांगड़ा घाटी में सभी मंदिरों, किलों और स्मारकों को आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है ताकि विशाल सभाओं पर रोक लगाई जा सके और कोविड के प्रसार को रोका जा सके।
देश में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर संस्कृति मंत्रालय ने ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी सहित एएसआई-संरक्षित स्मारकों को बंद करने का फैसला किया है। अप्रैल की शुरुआत से ही इस 'प्यार के स्मारक' में लोगों की संख्या में गिरावट देखी जा रही थी।
एएसआई के तहत लगभग 3,000 स्मारक हैं जिनमें ताजमहल, कुतुब मीनार और लाल किला के साथ-साथ कुछ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे अजंता गुफाएं और हम्पी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 200 संग्रहालय ऐसे हैं जो अभी भी बंद रहेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं और कुछ दिनों तक बंद रहने से सरकारी खजाने को नुकसान होने की संभावना है। हालांकि, सरकार का मानना है कि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए यह कदम जरूरी है। साथ ही सरकार ने पहले से बेचे गए टिकटों को वापस करने का फैसला किया है। यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के लिए लागू है।
जे. पी. शुक्ला