By अंकित सिंह | Nov 17, 2025
हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा भारी जीत दर्ज करने के बाद अगले तीन से चार दिनों में नई बिहार सरकार का गठन हो जाएगा। सोमवार को एनडीए सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मौजूदा विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश करने के लिए अधिकृत कर दिया गया। नीतीश कुमार ने राजभवन में राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान को अपना इस्तीफ़ा सौंपा।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और राघोपुर से नवनिर्वाचित विधायक तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है। पटना स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर राजद विधायकों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। यह बैठक बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी, जहाँ गठबंधन को एनडीए से करारी हार का सामना करना पड़ा था। एनडीए ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटें हासिल कीं, जबकि महागठबंधन को केवल 35 सीटें मिलीं, जबकि राजद को केवल 25 सीटें मिलीं।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री एवं जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने बताया कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर कैबिनेट के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। विजय चौधरी ने कहा, “कैबिनेट ने नयी सरकार के गठन के मद्देनजर 19 नवंबर को विधानसभा भंग करने की अनुशंसा करने का प्रस्ताव पारित किया।” उन्होंने यह भी बताया कि कैबिनेट ने राजग की ऐतिहासिक जीत के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने का प्रस्ताव पारित किया।
चौधरी ने कहा, “यह नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठबंधन का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है जो राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण संभव हुआ है।” हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में 243 सदस्यीय सदन में राजग ने 200 से अधिक सीट पर जीत दर्ज की है, जिनमें भाजपा ने सर्वाधिक 89 सीट जीतीं और जनता दल (यूनाइटेड) को 85 सीट मिलीं। जद(यू) के एक सूत्र ने बताया कि पार्टी 19 नवंबर को नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनेगी।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को यहां केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ उनके आवास पर अलग-अलग बैठक की। प्रधान बिहार में भाजपा के चुनाव प्रभारी थे। भाजपा नीत राजग के दोनों घटक दलों के प्रमुख जब प्रधान से मिलने उनके आवास पर पहुंचे तब वहां बिहार में भाजपा के राजनीतिक मामलों के प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद थे। ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद राजग बिहार में सरकार बनाने की तैयारी में जुटा है।