बिहार में वोटबंदी की गहरी साजिश, तेजस्वी यादव का आरोप, भ्रमित है चुनाव आयोग

By अंकित सिंह | Jul 07, 2025

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि5 जुलाई को हमने भारत के चुनाव आयोग से मुलाकात की थी और उनके समक्ष अपने सवाल रखे थे। चिंता की बात यह है कि अभी तक हमें चुनाव आयोग से कोई स्पष्टता नहीं मिली है। आप सभी जानते हैं कि बिहार चुनाव आयोग केवल डाकघर की तरह काम करता है और उसे जवाब देने का कोई अधिकार नहीं है। कल चुनाव आयोग ने तीन अलग-अलग निर्देश जारी किए। इससे साबित होता है कि चुनाव आयोग भ्रमित है। 

इससे पहले तेजस्वी ने एक्स पर लिखा था कि बिहार में वोटबंदी की गहरी साजिश। दलित-पिछड़ा-अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक के वोट काटने और फर्जी वोट जोड़ने का खेल शुरू। उन्होंने कहा कि मोदी-नीतीश संविधान और लोकतंत्र को कुचलने तथा आपके मत का अधिकार छिनने के लिए संकल्पित होकर चुनाव आयोग के माध्यम से कार्य कर रहे है। ये लोग प्रत्यक्ष हार देखकर अब बौखला गए हैं। जब मतदाता का मत ही समाप्त कर देंगे तो काहे का लोकतंत्र और संविधान।

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वहीं, भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि चुनाव से पहले वोटर वेरिफिकेशन एक रूटीन था। लेकिन अब मनोज झा और महुआ मोइत्रा सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं, इससे क्या फर्क पड़ता है? वोटर वेरिफिकेशन लागू करना फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे वैध वोटर ही पात्र रहेंगे। बिहार के मतदाताओं में कोई भ्रम नहीं है, लेकिन आरजेडी और कांग्रेस खासकर मुस्लिम मतदाताओं में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग उन्हें डरा रहे हैं कि उनका वोट रद्द हो जाएगा। डरने की कोई बात नहीं है। 

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