By अभिनय आकाश | Apr 30, 2025
कनाडा ने अपना नया पीएम चुन लिया है। इसके लिए सोमवार यानी 28 अप्रैल को कनाडा में वोटिंग हुई और अब फेडरल इलेक्शन के लिए मतदान खत्म होने के बाद नतीजे भी आ गए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने देश के संघीय चुनाव में जीत हासिल की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा के अमेरिका में विलय की धमकियों और व्यापार युद्ध ने लिबरल पार्टी की इस जीत में अहम भूमिका निभाई। कार्नी के प्रतिद्वंद्वी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलिवरे अपनी सीट हार गए। सोमवार को हुए चुनाव में ओटावा जिले का प्रतिनिधित्व करने वाली सीट पर हार से पोलिवरे का भविष्य दांव पर लग गया। पोलिवरे को कुछ महीने पहले कनाडा के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जा रहा था।
खालिस्तान समर्थन एनडीपी से राष्ट्रीय दर्जा भी छिना
कनाडा के चुनाव नतीजों में खालिस्तान समर्थक एनडीपी (नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी) को करारा झटका लगा है। एनडीपी को कुल 343 में से 7 ही सीटें मिली हैं। एनडीपी से कनाडा की राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन गया है। जबकि पिछले चुनाव में एनडीपी 25 सीटें जीतकर किंगमेकर बनी थी। एनडीपी के समर्थन से तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने चार साल तक सरकार चलाई थी। एनडीपी पार्टी प्रमुख जगमीत सिंह अपनी परंपरागत सीट बर्नाबी से चुनाव हार गए। जगमीत इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहे। जबकि पिछले चुनाव में जगमीत ने इस सीट पर एकतरफा 56% वोट शेयर के साथ जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार जगमीत को मात्र 27% ही वोट मिले हैं। जगमीत की पार्टी ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, पार्टी के जो 7 प्रत्याशी जीते हैं उनमें से कोई भारतीय मूल का नहीं है। एनडीपी सिख बहुल ब्रेम्पटन-मिसिगा में भी नहीं जीत पाई। चुनाव नतीजों से भारत विरोधी एनडीपी के जगमीत सिंह और लिबरल पार्टी के नेता जस्टिन टूडो कनाडा की राजनीति से आउट हो गए हैं। जगमीत ने एनडीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।