By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने रक्षा निर्यात मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सरल बनाने के लिए व्यापक सुधार किये हैं, जिसके तहत संवेदनशील देशों के लिए ‘‘उचित सुरक्षा उपाय’’ बनाए रखते हुए अधिकांश गंतव्यों के लिए गैर-घातक रक्षा सामग्री के निर्यात के लिए हितधारकों के परामर्श को ‘समाप्त’ कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय निविदाओं और प्रदर्शनियों के लिए सभी सामग्रियों के निर्यात के लिए भी हितधारकों के परामर्श को समाप्त कर दिया गया है, जिससे भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का अधिक तेजी से लाभ उठाने में सक्षम होंगी। बयान के अनुसार, मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को एक विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद वैश्विक रक्षा विनिर्माण तथा निर्यात भागीदार बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप, रक्षा निर्यात एसओपी और खुली सामान्य निर्यात लाइसेंस प्रणाली को सरल बनाने के लिए सुधारों का एक व्यापक ‘सेट’ शुरू किया है, जिससे ‘मेक-इन-इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सके।