By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 28, 2019
नयी दिल्ली। दिवाली के बाद सुबह के समय वैसे हर साल दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सबसे खराब श्रेणी में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार हवा की गुणवत्ता पिछले तीन साल से बेहतर रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग आधी रही। यह एक अच्छा संकेत है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े दस बजे हवा का गुणवत्ता सूचकांक 345 था। यह रविवार को शाम चार बजे 337 रहा था।
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एक्यूआई अगर 500 से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे ‘‘गंभीर व आपातकालीन’’ श्रेणी का माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता पास के गाजियाबाद (375), ग्रेटर नोएडा (356), गुड़गांव (352) और नोएडा (375) से बेहतर रही। 10 या 10 माइक्रोन से कम व्यास वाले अत्यंत सूक्ष्म अभिकण ‘पार्टिकुलेट मैटर’ पीएम 10 का स्तर रविवार को आनंद विहार में 515 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया था। वजीरपुर और बवाना में, पीएम 2.5 का स्तर 400 के स्तर को पार कर गया था। उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे की समय-सीमा तय कर रखा है, जिसका राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में उल्लंघन हुआ। हर साल दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक हो जाने के मद्देनजर 2018 में उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया और केवल हरित पटाखे जलाने की मंजूरी दी थी।