Delhi Court का फैसला: गवाही से पहले पत्नी की मौत, Attempt to Murder केस में पति बरी

By अभिनय आकाश | Jul 10, 2026

दिल्ली की एक अदालत ने 2021 के एक मामले में अपनी पत्नी की हत्या की कोशिश के आरोपी एक व्यक्ति को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका क्योंकि सुनवाई के दौरान गवाही देने से पहले ही शिकायतकर्ता की मौत हो गई थी। अभिनेश त्रिपाठी उर्फ ​​राहुल के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय शर्मा ने 6 जुलाई के आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे अपना मामला साबित करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता रश्मि ही एकमात्र मुख्य गवाह थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा इस मामले में, एकमात्र अहम गवाह यानी शिकायतकर्ता/पीड़िता रश्मि की मौत हो चुकी है और अभियोजन पक्ष ने किसी ऐसे दूसरे गवाह का ज़िक्र नहीं किया है, जो आरोपी द्वारा की गई किसी प्रत्यक्ष हरकत के बारे में गवाही दे सके।

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ट्रायल के दौरान, रश्मि को भेजे गए समन बिना तामील हुए वापस आ गए क्योंकि वह अपना किराए का घर छोड़कर चली गई थी। बाद में उसके पिता ने कोर्ट को बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि मरने से पहले उसने आरोपी के साथ सभी विवाद सुलझा लिए थे, आपसी सहमति से तलाक ले लिया था और 8 लाख रुपये का गुजारा-भत्ता (एलिमनी) भी ले लिया था। कोर्ट ने कहा कि रश्मि का बयान दर्ज नहीं किया जा सका और अभियोजन पक्ष के बाकी गवाह सिर्फ़ औपचारिक पुलिस गवाह थे। कोर्ट ने माना कि अगर उनके सबूतों को मान भी लिया जाए, तो भी वे आरोपों को साबित करने के लिए काफ़ी नहीं थे। यह देखते हुए कि जिस शिकायत के आधार पर केस चल रहा था, वह साबित नहीं हो पाई और आरोपी को अपराधों से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला, कोर्ट ने त्रिपाठी को बरी कर दिया।

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