By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
शहर के सेंसर और सरकारी प्रणालियों से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा की मदद से दिल्ली की 3डी डिजिटल प्रतिकृति तैयार की जाएगी। इसके जरिए किसी विकास योजना को जमीन पर लागू करने से पहले उसके संभावित प्रभावों का आकलन और विभिन्न परिदृश्यों का परीक्षण किया जा सकेगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) मास्टर प्लान दिल्ली-2047 के तहत स्थानिक नियोजन के हिस्से के रूप में डिजिटल ट्विन विकसित कर रहा है।
मास्टर प्लान के अनुसार, डिजिटल मॉडलिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और रियल-टाइम डेटा प्रणालियों को अपनाने का उद्देश्य दिल्ली की जटिल शहरी व्यवस्था के प्रबंधन में सटीकता, पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाना है। जीआईएस आधारित मास्टर प्लान में विभिन्न स्तरों के बुनियादी ढांचे से जुड़े डेटा और भौगोलिक संदर्भ नक्शों को शामिल किया जाएगा। इसमें डिजिटल डेटाबेस को समय-समय पर अद्यतन करने और विभिन्न एजेंसियों के डेटा को एकीकृत करने का भी प्रावधान होगा।
यह व्यवस्था पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान जैसी राष्ट्रीय योजना के अनुरूप है। पीएम गति शक्ति जीआईएस आधारित मंच के जरिए एकीकृत बुनियादी ढांचा नियोजन और विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर संपर्क को बढ़ावा देता है।