By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026
नयी दिल्ली, छह नवंबर राष्ट्रीय राजधानी में 31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बाहर किए गए सभी 47.56 लाख मतदाताओं के लिए पुन: सत्यापन अभियान के तहत नए गणना-प्रपत्र तैयार किए जाएंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम (एएसडीडी) के रूप में चिह्नित किए गए मतदाताओं के लिए ये प्रपत्र तैयार किए जाएंगे।
एक बयान में कहा गया, ‘‘दिल्ली के उन सभी मतदाताओं को जिन्हें जून से 17 अगस्त के बीच गणना प्रपत्र जारी किए गए थे, लेकिन एएसडीडी के रूप में चिह्नित किए जाने के कारण जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके, अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का एक और मौका दिया जाएगा।’’ इस अभियान में दिल्ली के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर रहने चले गए ऐसे मतदाता भी शामिल होंगे, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची से छूट गए थे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मतदाताओं को प्रपत्र-आठ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। वे इसके बजाय अपने नए विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) से नया गणना प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं।
स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं को एक अलग विवरण में अपना नया पता और विधानसभा क्षेत्र का ब्योरा देना होगा। बयान के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए उनके घर जाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास करेंगे। इसमें कहा गया कि ऐसे बेघर मतदाताओं के मामले में, जिनके पास पते से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है, बीएलओ की ओर से तैयार क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट को निवास के प्रमाण के रूप में पर्याप्त माना जाएगा।
निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी है। वहीं, अंतिम मतदाता सूची अब 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी होनी है।