उम्रकैद की सजा काट रहे दो लोगों को दिल्ली उच्च न्यायालय ने किया बरी, जाने क्या है पूरा मामला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 18, 2024

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने करीब 27 साल पहले कथित हत्या के एक मामले में दो लोगों कोसुनाई गई उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उन्हें केवल इस आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि वे आखिरी बार उस शख्स के साथ देखे गए थे जिसकी हत्या कर दी गई थी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अक्टूबर 2001 के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपीलों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि चूंकि वे मृतक के साथ काम करते थे, इसलिए उनका साथ होना असामान्य नहीं हो सकता और गवाहों के बयान में विश्वास नहीं झलकता। 

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मृतक का शव जुलाई 1997 में रेलवे की पटरी पर मिला था और कुछ दिन बाद अपीलकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि व्यक्ति की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उसे एक अपीलकर्ता के एक महिला के साथ ‘अवैध संबंध’ के बारे में पता चल गया था। उच्च न्यायालय ने 2003 और 2004 में दोनों अपीलकर्ताओं की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी थी। दोनों प्रवासी मजदूर थे जो निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में रहते थे।

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