दो जगह Bail Plea लगाना पड़ा महंगा, Delhi High Court बोला- यह स्वतंत्रता का दुरुपयोग, अर्जी खारिज

By अभिनय आकाश | Jan 23, 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आरोपियों द्वारा समानांतर अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और हर्ष की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला भालसावा डेयरी पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के प्रयास से संबंधित है। न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया ने हर्ष की जमानत याचिका खारिज कर उसे फटकार लगाई। वह बेंच के आह्वान पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ। न्यायमूर्ति कथपालिया ने कहा कि यह स्वतंत्रता के नाम पर प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है। मुझे कोई भी ऐसा कारण स्वीकार्य नहीं लगता कि आरोपी/आवेदक या उसके वकील को इन दोनों आवेदनों के दायर होने की जानकारी नहीं थी। न्यायमूर्ति कथपालिया ने आदेश दिया यह अदालत को गुमराह करने का मात्र एक प्रयास है। अग्रिम जमानत याचिका और उससे संबंधित आवेदन खारिज किए जाते हैं।

इसे भी पढ़ें: Delhi High Court का बड़ा एक्शन, Turkman Gate पथराव मामले में आरोपी की जमानत रद्द कर पुनर्विचार का आदेश

सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) संजीव सभरवाल ने अग्रिम जमानत याचिका की एक प्रति प्रस्तुत की, जिसकी सुनवाई उसी दिन बाद में होनी थी। जांच अधिकारी ने भी अदालत को सूचित किया कि याचिका की सुनवाई आज के लिए सूचीबद्ध है। आरोपी के वकील ने भी स्वीकार किया कि अग्रिम जमानत याचिका पर निचली अदालत में सुनवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि आरोपी ने निचली अदालत में एक और याचिका दायर की है और कहा कि आरोपी की मां ने उन्हें उच्च न्यायालय में आवेदन दायर करने का निर्देश दिया था। अध्यक्ष ने पाया कि वकील द्वारा दिए गए बयान सत्य प्रतीत नहीं होते, क्योंकि जमानत याचिका और वकालतनामा पर आरोपी के हस्ताक्षर हैं। हलफनामा भी आरोपी ने स्वयं दिया है।

प्रमुख खबरें

Lok Sabha में Gaurav Gogoi का वार, Amit Shah का पलटवार- इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष नहीं देखा

AI Summit Protest के सूत्रधार Rahul Gandhi? BJP का बड़ा हमला, बताया देश का गद्दार

Sanju Samson ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनकर बनाया ये रिकॉर्ड, अब तक नहीं कर पाया कोई

Nepal की नई सरकार में India से रिश्ते और होंगे मजबूत, निवर्तमान मंत्री माधव चौलागैन का बड़ा बयान