By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 14, 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को ‘विमल इलायची’ बनाने वाली कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उत्पाद का प्रचार करने वाले कलाकारों को एफडीए द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस रद्द करने का अनुरोध किया गया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विमल इलायची के ब्रांड एंबेसडर - शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ- को ये नोटिस विज्ञापनों में उत्पाद को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में जारी किए थे। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि अधिकार क्षेत्र न होने के कारण यह याचिका सुनवाई के लायक नहीं है।
उसने कहा कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नियामक नोटिस जारी किए थे। इन नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन असल में ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष प्रचार हैं, जबकि महाराष्ट्र में इस उत्पाद पर प्रतिबंध है। याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र एफडीए ने विमल इलायची के विज्ञापनों में दिखने वाले अभिनेताओं को ऐसे दस्तावेज देने के लिए कहा है जिनसे यह साबित हो सके कि विमल इलायची, प्रतिबंधित किए गए पान मसाला उत्पादों से अलग है।
इसमें विज्ञापन को रोकने और डिजिटल मंचों से इससे जुड़ी सामग्री को हटाने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि 11 अगस्त का एफडीए का नोटिस केवल अभिनेताओं को भेजा गया था, न कि खुद कंपनी को, जबकि राज्य नियामक की किसी भी कार्रवाई से कंपनी को ही अपूरणीय क्षति होगी। वकील ने कहा था कि याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।