By अभिनय आकाश | Oct 16, 2026
एक रेस्तरां मालिक ने चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि CJP को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कोई कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दी जाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और संजय शर्मा की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को इससे जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए। अधिवक्ता उमंग त्यागी ने खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया। यह याचिका वकील उमंग त्यागी, संयम दहिया और जुबेर अली के माध्यम से दायर की गई है। इसमें बताया गया है कि याचिकाकर्ता आयुष चोपड़ा का परिवार 01.07.2017 से नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'मीनार रेस्टोरेंट' चला रहा है, जो सेंट्रल पार्क से लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। कहा गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक ने लोगों से 16.10.2026 को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने की अपील की है।
कार्यक्रम से दो दिन पहले शाम 5 बजे के लिए यह बुलावा दिया गया था, जबकि उस जिले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू है। यह भी बताया गया है कि इस तरह के जमावड़े से कनॉट प्लेस के व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) और 21 के तहत उनके अधिकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि इकट्ठा होने का अधिकार। कनॉट प्लेस, जिसे अक्सर दिल्ली का दिल कहा जाता है, भारत के सबसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में से एक है। इसके अलावा, दिल्ली की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर टिकी है, जिसमें व्यापार, होटल और रेस्तरां का योगदान 'ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडेड' (GSVA) के नौवें हिस्से से भी अधिक है। अभी नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का त्योहारी सीजन चल रहा है।