SC ने केजरीवाल सरकार से पूछा सवाल, महिलाओं के लिए मुफ्त मेट्रो सेवा क्यों ?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 06, 2019

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण की 103.94 किलोमीटर लंबी परियोजना के संचालन घाटे की भरपाई दिल्ली सरकार करेगी क्योंकि परिवहन का यह साधन राष्ट्रीय राजधानी में आवागमन के लिये है। शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह दिल्ली मेट्रो रेल निगम की वित्तीय स्थिति ठीक रखे और ऐसा कोई कदम नहीं उठाये जिसकी वजह से उसे घाटा उठाना पड़े।

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने निर्देश दिया कि इस परियोजना के लिये भूमि की कीमत केन्द्र और दिल्ली सरकार को 50:50 के अनुपात में वहन करनी होगी। पीठ ने संबंधित प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मेट्रो परियोजना के चौथे चरण में किसी प्रकार का विलंब नहीं हो और भूमि की कुल कीमत की 2,247.19 करोड़ रूपए की राशि तत्काल जारी की जाये। पीठ ने केन्द्र और दिल्ली सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वे भूमि की कीमत के भुगतान का तरीका तीन सप्ताह के भीतर तैयार करें।

100 दिनों में इन-इन मुद्दों पर घिरी मोदी सरकार, पूरा मामले जानने के लिए देखें वीडियो:

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