By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 31, 2026
पंजाब के निवासियों व अन्य लोगों को फर्जी वेबसाइट के जरिए स्वास्थ्य पूरक उत्पाद और दवाएं उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी को अंजाम देने में कथित तौर पर मदद करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान दिल्ली के ग्रेटर कैलाश निवासी हितेन कुमार (22) और उत्तर प्रदेश के इंदिरापुरम निवासी आयुष आर्य (22) के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता ने 27 सितंबर से 30 सितंबर के बीच कई बार ऑनलाइन भुगतान किया, लेकिन उसे वादे के मुताबिक सामान नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर 21 अक्टूबर को पूर्वी जिले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के विवरण, केवाईसी दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया।
इस दौरान ठगी से कथित तौर पर जुड़ी 2,66,437 रुपये की रकम दो बैंक खातों में भेजे जाने का पता चला। पुलिस के अनुसार, बाद में यह रकम एटीएम के जरिए निकाल ली गई। जांचकर्ताओं ने शुरुआत में आर्य के नाम पर संचालित एक बैंक खाते का पता लगाया।
वित्तीय लेनदेन की जांच करने पर उसकी परिचित एक महिला से जुड़े दूसरे बैंक खाते की जानकारी मिली। पुलिस ने पिछले सप्ताह आर्य को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने 10 प्रतिशत कमीशन के बदले अपने बैंक खाते के विवरण और महिला के बैंक खाते की जानकारी अपने रिश्तेदार हितेन कुमार को दी थी।
पुलिस के अनुसार, खातों में जमा ठगी की रकम एटीएम से निकालकर तय कमीशन काटने के बाद कुमार को सौंप दी जाती थी। पुलिस ने कुमार को 21 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। उसने कथित तौर पर एक अन्य व्यक्ति से अपने संबंधों का खुलासा किया, जो वेबसाइट का संचालन करने और स्वास्थ्य पूरक उत्पादों तथा दवाओं की ऑनलाइन बिक्री का काम संभाल रहा था।
पुलिस ने बताया कि वेबसाइट संचालक ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान करने के लिए लुभाता था, लेकिन उन्हें सामान की आपूर्ति नहीं की जाती थी। उसने बताया कि वेबसाइट संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान और इस मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।