By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय राजधानी में उसके पूर्व के प्रदर्शन का विवरण जुटाने तथा कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों और पूर्व के आंदोलन के आयोजन में मदद करने वालों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शहर भर के थाना प्रभारियों को ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (एफआरएस) के माध्यम से पहचान किये गए कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीब 2,800 लोगों पर नजर रखने और यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि क्या उनमें से कोई व्यक्ति प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए नयी दिल्ली जिले की ओर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों से अवगत अधिकारियों ने बताया कि अधिकारियों से कॉजपा के पिछले प्रदर्शन के दौरान बसों और अन्य संसाधन मुहैया कराने में शामिल लोगों की पहचान करने और उन पर नजर रखने को कहा गया है।
इसका उद्देश्य यह जानना है कि प्रदर्शन स्थल की ओर कौन जा रहा है और कहां से आ रहा है। निर्देशों में स्थानीय बस ऑपरेटरों की निगरानी करना और बुकिंग की जांच करना शामिल है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन लोग बस किराये पर ले रहे हैं, कितने लोगों को ले जाया जा रहा है और उनका गंतव्य क्या है। पुलिस विशेष रूप से प्रदर्शन की तैयारी के दौरान नयी दिल्ली जिले की ओर समूहों की संगठित आवाजाही पर नजर रख रही है।
अधिकारी ने कहा, यदि नयी दिल्ली की ओर लोगों की संगठित आवाजाही होती है, तो स्थानीय पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रमुखों के साथ बातचीत करने और उनसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करने का भी निर्देश दिया गया है कि छात्र विरोध प्रदर्शन में भाग न लें। साथ ही, जिन इलाकों में छात्र बड़ी संख्या में रहते उनमें पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास संचालकों से भी संपर्क करने और उन्हें छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से हतोत्साहित करने की सलाह देने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में संभावित प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से सटे पूर्वी दिल्ली और शाहदरा की सीमाओं पर तथा शहर के दक्षिण-पश्चिम मार्गों पर नजर रखी जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेड लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि यदि प्रदर्शनकारियों को प्रस्तावित स्थल तक पहुंचने से रोका जाता है, तो वे नयी दिल्ली जिले के अन्य स्थानों पर न बैठें या प्रदर्शन न करें।
कॉजपा ने जुलाई में कथित नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया था जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। प्रधान ने बाद में इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली पुलिस ने एक अक्टूबर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कम से कम 20 कंपनियों की मांग की है, जिन्हें जंतर मंतर और उसके आसपास तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि नयी दिल्ली क्षेत्र में लगभग 4,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस बात पर भी चर्चा की है कि यदि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचते हैं, हटने से इनकार करते हैं और गिरफ्तारी देने पर अड़े रहते हैं, तो शहर भर के स्टेडियमों में अस्थायी हिरासत केंद्र बनाये जाएंगे।