Operation Gang Bust 2.0 के तहत दिल्ली पुलिस ने समय रहते नाकाम की बड़ी साजिश, 48 घंटे तक चली धरपकड़ में 482 लोग गिरफ्तार

By नीरज कुमार दुबे | May 08, 2026

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित रूप से जुड़े शहजाद भट्टी मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो उत्तर भारत में कई संवेदनशील स्थानों पर हमलों की साजिश रच रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार इस मॉड्यूल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों, सुरक्षा बलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना और व्यापक नुकसान पहुंचाना था। पुलिस ने इस अभियान के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर हथियार, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है।

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दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत की गई। यह अभियान मंगलवार से बृहस्पतिवार तक लगातार 48 घंटे चला, जिसके दौरान दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक हजार चौदह स्थानों पर छापेमारी की गई। इस व्यापक अभियान में कुल चार सौ बयासी लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध गिरोहों और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी।

विशेष प्रकोष्ठ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य उन अपराधियों और उनके सहयोगियों को पकड़ना था, जो पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारों पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिये युवाओं और अपराधियों की भर्ती कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करता था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि दिल्ली के जिस ऐतिहासिक मंदिर को निशाना बनाने की योजना थी, वहां तैनात पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर पहले गोलीबारी करने की साजिश रची गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर में हमला कर अफरा तफरी और दहशत फैलाने की योजना थी। एक आरोपी ने मंदिर की रेकी कर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संचालकों को भेजी थीं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच में दिल्ली सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। सूत्रों के अनुसार मॉड्यूल यहां ग्रेनेड हमला कर भारी जनहानि और दहशत फैलाना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने का मकसद आम लोगों के बीच भय का माहौल तैयार करना था।

इसके अलावा हिसार स्थित सैन्य शिविर भी मॉड्यूल के निशाने पर था। आरोप है कि एक सदस्य ने सैन्य शिविर की रेकी कर वहां के वीडियो अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेजे थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचाई जा रही थी। सूत्रों ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थानों में तैनात पुलिसकर्मी भी इस मॉड्यूल की हिट लिस्ट में शामिल थे।

पुलिस ने अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार 141 पिस्तौल, 212 कारतूस, उन्यासी चाकू, चौबीस वाहन, 19 लाख रुपये नकद, 31 मोबाइल फोन, 19 किलोग्राम मादक पदार्थ और शराब की 1234 बोतलें जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल विभिन्न आपराधिक और देश विरोधी गतिविधियों में किया जाना था।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया के जरिये भर्ती, हथियारों की तस्करी और पाकिस्तान से सीधे संपर्क जैसी बातें सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी और आपराधिक नेटवर्क को समय रहते निष्क्रिय करने में सफलता मिली है। आइये देखते हैं इस पूरे ऑपरेशन के बारे में पुलिस अधिकारी क्या जानकारी दे रहे हैं।

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