By अंकित सिंह | Oct 14, 2026
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को नोटिस जारी कर उनसे कहा है कि वे अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच में शामिल हों। वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने अकोइजम के घर के बाहर नोटिस चिपकाया और उन्हें गुरुवार (15 अक्टूबर) को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन आने का निर्देश दिया। यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है और इसमें उनसे जांच में शामिल होने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मीटिंग या इकट्ठा होने के बहाने छात्राओं को कैंपस स्थित अपने घर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने क्लास में अश्लील और अनुचित टिप्पणियाँ कीं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 9 अक्टूबर को JNU ने प्रोफेसर अकोइजम को यौन उत्पीड़न की शिकायतों के कारण नौकरी से निकाल दिया। आदेश में कहा गया है कि 'स्कूल ऑफ़ सोशल साइंसेज' के तहत 'सेंटर फ़ॉर द स्टडी ऑफ़ सोशल सिस्टम्स' में पढ़ाने वाले इस प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
आदेश में बताया गया है कि आंतरिक समिति ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की और अपनी जांच के नतीजों के आधार पर कड़ी सजा की सिफारिश की। वाइस-चांसलर शांतिश्री डी. पंडित के हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा गया है कि उचित प्रक्रिया का पालन करने, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर, यूनिवर्सिटी की सेवा से बर्खास्तगी की सज़ा दी जाती है।