By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
दिल्ली सरकार ने सिनेमा लाइसेंस के लिए अलग-अलग विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की जटिल प्रक्रिया खत्म कर दी है और इसके स्थान पर निर्धारित समयसीमा वाली एकीकृत ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत जिला स्तरीय समिति अंतिम निर्णय लेगी तथा संबंधित विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स संचालकों को अब सिनेमाटोग्राफ लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पुलिस, अग्निशमन विभाग, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग जैसे विभिन्न विभागों से अलग-अलग मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय आवेदक अब ‘ई-डिस्ट्रिक्ट दिल्ली’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, शुल्क जमा कर सकेंगे, निरीक्षण करा सकेंगे और लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।
डीएलसी की अध्यक्षता उपायुक्त (राजस्व)/जिला मजिस्ट्रेट करेंगे। समिति में पुलिस, अग्निशमन विभाग, नगर निगम या दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली जल बोर्ड और जिला चिकित्सा प्रशासन समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की अध्यक्षता वाली डीआईसी संयुक्त निरीक्षण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक साथ लाएगी।
आवेदकों को अलग-अलग अनापत्ति प्रमाण पत्र जुटाने के बजाय समिति एक ही ई-हस्ताक्षरित और भौगोलिक स्थिति से जुड़ी सत्यापन रिपोर्ट तैयार करेगी। नई एसओपी में प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के लिए समयसीमा भी तय की गई है। अधिकारी ने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत अब पुलिस स्वतंत्र रूप से लाइसेंस जारी नहीं करेगी, लेकिन सुरक्षा और सत्यापन से जुड़ी उसकी जिम्मेदारियां नयी जिला स्तरीय व्यवस्था के तहत जारी रहेंगी।
उन्होंने बताया कि यह एसओपी वर्ष 2015 में तैयार की गई थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका था। नयी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नियमों में ढील देना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और एकीकृत बनाना है।