Law and order उपराज्यपाल के बजाय ‘आप’ सरकार के अधीन होती, तो दिल्ली सुरक्षित होती : केजरीवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 18, 2023

नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था अगर उपराज्यपाल के बजाय आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन होती, तो राष्ट्रीय राजधानी सबसे सुरक्षित होती। केजरीवाल की टिप्पणियों पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि केजरीवाल कानून को नहीं समझते हैं। केजरीवाल की यह टिप्पणी रविवार सुबह दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आर के पुरम में अज्ञात हमलावरों द्वारा दो महिलाओं की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद आई है।

केजरीवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए लेखी ने पीटीआई-से कहा, मैं दिल्ली के लोगों को याद दिलाना चाहती हूं कि यह वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिनके विधायक दिल्ली दंगों में शामिल थे। वे आईबी (खुफिया ब्यूरो) के अधिकारी अंकित की हत्या में शामिल थे। गुलेल (कैटापोल्ट्स), बंदूकों और पेट्रोल बमों की आपूर्ति इन्हीं लोगों द्वारा की गई थी। क्या ऐसे लोगों को कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जा सकती है? केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि आर के पुरम की घटना व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

इसे भी पढ़ें: Maharashtra: उद्धव धड़े की नेता मनीषा कायंदे शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होंगी

उन्होंने कहा, जहां भी ऐसी घटना हुई है, सरकार की भूमिका प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें कानून के तहत अदालत में पेश करने की है। उन्होंने कहा, निचली अदालत की व्यवस्था दिल्ली सरकार के अधीन है। इसलिए, जब भी यह मामला अदालत में आए, तो आप यह सुनिश्चित करें कि दोषियों को सजा मिले। केजरीवाल के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर लेखी ने कहा, जो व्यक्ति कानून को नहीं समझता, वह मुख्यमंत्री बनकर बैठा है। मैं इस पर हैरान हूं।

प्रमुख खबरें

Privacy पर छिड़ी बहस के बीच Meta का बड़ा एक्शन, AI Glasses में छेड़छाड़ पर बंद होगा Camera

Wimbledon में भारतीय टेनिस का नया सितारा, Arnav Paparkar 36 साल बाद Junior Quarter-Final में।

FIFA World Cup में रेफरी पर बड़ा बवाल, Argentina से हार के बाद मिस्र ने FIFA में दर्ज कराई शिकायत

Hormuz में हमलों से Crude Oil में लगी आग, US-Iran तनाव से भारत की भी बढ़ी टेंशन।