By Ankit Jaiswal | Nov 30, 2025
दिल्ली रविवार की सुबह एक बार फिर धुंध और प्रदूषण की चादर में लिपटी मिली. मौजूद जानकारी के अनुसार सुबह 9 बजे तक शहर का औसत AQI 268 दर्ज किया गया, जो ‘घटिया’ श्रेणी में आता है. यह आंकड़ा शनिवार के 305 के मुकाबले कम है और लगभग 24 दिनों बाद प्रदूषण स्तर में पहली उल्लेखनीय गिरावट मानी जा रही है.
बता दें कि CPCB मानकों के अनुसार AQI स्तर 0–50 ‘good’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘poor’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ माना जाता है. गौरतलब है कि दिल्ली में 29 नवंबर तक लगातार 23 दिनों तक AQI 300 से ऊपर रहा, जो 2019 के बाद सबसे लंबी अवधि में से एक है.
इस बीच, खराब हवा और बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं के बीच दिल्ली के नागरिक समूह फिर से सड़कों पर आ रहे हैं. 30 नवंबर को जंतर मंतर पर दोपहर 2 से 5 बजे तक प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की गई है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा गया है कि दिल्लीवासी धूल में सांस ले रहे हैं, सूरज की रोशनी खो रहे हैं और शोर के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं, इसलिए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है.
इसी कड़ी में 3 दिसंबर को भी जंतर मंतर पर एक बड़ा नागरिक प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है. कई सामाजिक संगठनों जैसे माई राईट टू ब्रीथ और वारियर्स मॉम्स ने कहा है कि वे इसमें शामिल होंगे. कांग्रेस समर्थित NSUI ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. पोस्ट में बताया गया है कि दिल्ली अभी भी “खतरनाक” हवा में घुट रही है और ग्रैप जैसे अस्थायी उपाय हटने के बाद हालात और चिंताजनक हो गए हैं.
प्रदूषण के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने की कोशिशें तेज हो रही हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले 23 नवंबर की शाम को भी नागरिक इंडिया गेट पर जुटे थे, हालांकि पुलिस को हटाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा मिर्ची स्प्रे किए जाने की शिकायत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की हवा और नागरिक असंतोष दोनों पर बहस को और तेज कर दिया है।