By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
प्रयागराज, सात अगस्त स्वतंत्रता के बाद मलाका जेल से अस्पताल में तब्दील स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में आठ अगस्त को शहीद रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह आकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एसआरएन का नाम बदलकर शहीद रोशन सिंह करने की मांग का समर्थन करेंगे। काकोरी ट्रेन मामले में दोषी करार रोशन सिंह को इसी मलाका जेल में फांसी हुई थी। यह संयोग ही है कि स्वरूपरानी नेहरू के परपोते और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आठ अगस्त को एसआरएन अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित केपी ग्राउंड में छात्रों के साथ संवाद करने आ रहे हैं।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नौ अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस से पहले ठाकुर रोशन सिंह के योगदान और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए। शाह आलम ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह ने प्रयागराज की तत्कालीन मलाका जेल में अपना बलिदान दिया था। उस दौर में मलाका जेल को संयुक्त प्रांत की ‘काला पानी’ जेल माना जाता था।
आज उसी ऐतिहासिक बलिदान स्थल पर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय स्थापित है।