Sonam Wangchuk को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24x7 मुलाकात की इजाजत

By अंकित सिंह | Jul 19, 2026

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो की उस याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार का पक्ष लेते हुए कहा कि एक्टिविस्ट के शरीर पर अपने अधिकार (बॉडीली ऑटोनॉमी) का उल्लंघन नहीं हुआ है और सरकार का उन्हें वहां शिफ्ट करने का फैसला उनकी बिगड़ती सेहत की वजह से था, न कि मनमाना।

मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी। शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वांगचुक 28 जून से नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे थे। रविवार को विशेष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पुष्करणा ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक की लगातार निगरानी कर रहे हैं, और यह नहीं कहा जा सकता कि उनके खिलाफ किसी प्रकार की जबरदस्ती की जा रही है। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता। 

न्यायमूर्ति पुष्करणा ने यह भी उल्लेख किया कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो, उनके भाई और रिश्तेदारों को उनसे 24 घंटे मिलने की अनुमति दी गई है। अदालत ने वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के अनुरोध वाली आंग्मो की याचिका पर केंद्र सरकार, सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि इस मामले में किसी प्रकार के ‘संदेह’ की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक की अच्छी तरह देखभाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी इलाज में सहयोग करना होगा। 

इसे भी पढ़ें: नीट पेपर लीक पर बोले रामदास आठवले, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जरूरत नहीं, दोषियों पर हुई कार्रवाई

इस पर अदालत ने कहा कि यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यदि आवश्यक हुआ और यदि वह स्वयं ऐसा चुनते हैं, तो सोनम वांगचुक चिकित्सकीय हस्तक्षेप के लिए डॉक्टरों का सहयोग करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि वह चाहते हैं कि वांगचुक को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। सिब्बल ने इस बात पर जोर दिया कि वांगचुक किसी हिरासत में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के अस्पताल में भर्ती होने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

प्रमुख खबरें

Accenture Salary Hike में बड़ा बदलाव, अब 50% Base Salary और 50% Lump Sum Payment के रूप में मिलेगा लाभ

Bangladesh की साख दांव पर, Zimbabwe के खिलाफ Series जीतने के लिए निर्णायक T20 में झोंकनी होगी पूरी ताकत

Rohit Sharma की फॉर्म पर Morne Morkel का बड़ा बयान, लॉर्ड्स में निर्णायक मुकाबले के लिए बताया जीत का प्लान

Lords ODI में Rohit Sharma की फॉर्म और कप्तानी का टेस्ट, Series जीतने के लिए England से बड़ी टक्कर