By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 31, 2026
इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कृत्रिम मेधा (एआई) प्रशिक्षण के लिए डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर (डीईपीए) पर एक हैंडबुक पेश की है। इस हैंडबुक के जरिये एक ऐसी तकनीकी-कानूनी रूपरेखा तैयार की गई है, जो संस्थानों को अपने डेटा पर नियंत्रण रखते हुए एआई प्रशिक्षण के लिए डेटा पर सहयोग करने की अनुमति देती है। आईटी सचिव एस कृष्णन ने बेंगलुरु में एक गोलमेज सम्मेलन में इस हैंडबुक को जारी किया, जिसे आईस्पर्ट फाउंडेशन के समर्थन से तैयार किया गया था। बयान में कहा गया, यह रूपरेखा संविदात्मक अनुमतियों, नियंत्रित कंप्यूटिंग वातावरण और गोपनीयता वाले सुरक्षा उपायों का प्रावधान करती है। यह डेटा के स्रोत को भी शामिल करती है, जिससे पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान डेटा की उत्पत्ति, अनुमतियों और उपयोग का पता लगाया जा सकता है।
कृष्णन ने कहा, भारत की एआई महत्वाकांक्षाओं को डेटा का जिम्मेदारीपूर्वक और सुरक्षित रूप से उपयोग करने की क्षमता के साथ जोड़ना चाहिए। मंत्रालय इस रूपरेखा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने बताया कि डीईपीए के तहत, मॉडल डेटा के पास जाता है न कि इसके विपरीत। उन्होंने कहा कि इससे बहुपक्षीय और सीमा पार सहयोग संभव होता है। उन्होंने डीईपीए को वैश्विक विज्ञान कूटनीति में भारत का योगदान बताया।