केंद्र की अपील के बावजूद बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ प्रवासियों को वापस लाने में पीछे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 18, 2020

नयी दिल्ली। फंसे श्रमिकों को घर लाने के लिए केंद्र द्वारा राज्य सरकारों से कई अपील करने के बावजूद पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित कई राज्य देश के दूसरे हिस्से से ऐसी रेलगाड़ियों को आने की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। रेलवे ने एक मई से अभी तक 1414 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई हैं जिनमें से 641 उत्तर प्रदेश और 310 बिहार के लिए चलीं। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 105 रेलगाड़ियों के लिए मंजूरी दी है लेकिन देश के अलग-अलग हिस्से से केवल 19 रेलगाड़ियां राज्य में आई हैं। 

इसे भी पढ़ें: केंद्र प्रवासी मजदूरों की मदद में जुटा, लेकिन कांग्रेस-तृणमूल राजनीति कर रहीं: भाजपा

इसे भी पढ़ें: रेलवे ने एक मई से 1,300 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई, 17 लाख से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचाया

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में अभी तक 58 ट्रेनें आई हैं और चक्रवात को देखते हुए संभवत: कोई मंजूरी लंबित नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे प्रति दिन करीब 300 ट्रेनें चलाने की क्षमता रखता है लेकिन इससे आधी संख्या में ट्रेनें चल रही हैं क्योंकि राज्य सरकारें पर्याप्त संख्या में मंजूरी नहीं दे रही हैं।

प्रमुख खबरें

AAP का केंद्र पर हमला, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले हिरासत पर लगाया काला आपातकाल का आरोप

Dhruv Rathee को हिरासत में लेने के विरोध में कॉजपा ने जंतर-मंतर 2.0 का किया ऐलान

CJP Protest at Jantar Mantar | मोदी ने हार स्वीकार कर ली है..., जंतर-मंतर के प्रस्तावित प्रदर्शन से बोले कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके

Manipur के Kamjong में महिला की हत्या के बाद भड़की हिंसा, धारा 162 लागू