By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 20, 2019
मुंबई। आगामी चुनावों के लिए भाजपा और शिवसेना के बीच सीट बंटवारे के समझौते पर मुहर लगने के बाद अब महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद पर दावे को लेकर दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं के सुर अलग-अलग हैं। दरअसल, राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी (शिवसेना) चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग को लेकर मुखर रही है। लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार को दोनों पार्टियों के गठबंधन की घोषणा के मुताबिक महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा सीटों में भाजपा 25 सीटों पर, जबकि शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।वहीं, विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां सहयोगी दलों के साथ तालमेल कर बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इस पर राजी हो गई, इसलिए मैंने गठबंधन करने का फैसला किया।’’ वहीं, इसके उलट राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि भाजपा का यह रूख है कि ज्यादा संख्या में सीटें जीतने वाली पार्टी को मुख्यमंत्री का पद मिलेगा। हम विधानसभा चुनाव में बराबर संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने शिवसेना के साथ गठबंधन कर लोकसभा चुनाव में वोटों का एक हिस्सा सुरक्षित करने के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के साथ बातचीत के दौरान मुख्य जोर विधानसभा चुनाव पर बना रहा।