बेसहारा गौवंश को सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा: जेपी दलाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 03, 2022

चंडीगढ़   पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जे पी दलाल ने कहा कि राज्य में बेसहारा गौवंश को सडकों पर नहीं छोड़ा जाएगा और हमारा लक्ष्य हैं कि जितनी भी गाय बेसहारा हैं उनके लिए गौशाला बनाई जाए। इसी कड़ी में राज्य सरकार चिंतित है और इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है  दलाल आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे सत्र के दौरान बेसहारा पशुओं के संबंध में लाए गए प्रस्ताव के बारे मेें अपना वक्तव्य दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की वजह से तरह-तरह की समस्याएं किसान भाईयों को आ रही है इस समस्या से निपटने के लिए गंभीरता से विचार किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बेसहारा पशुओं के संबंध में हमारी सरकार ने कानून लाने का काम भी किया है लेकिन आज लोगों ने गायों को अपने घर रखने की बजाए सडकों पर छोडने का काम किया जा रहा है लेकिन लोगों को सरकार के इस प्रयास के साथ अपनी ओर से भी सहयोग करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: 10 साल पुराने ट्रैक्टर को एनसीआर क्षेत्र में चलने पर रोक न लगे, इसके लिए केन्द्र सरकार से बातचीत की जाएगी - मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि हरियाणा के गौवंश व अन्य बेसहारा पशुओं के लिए सरकार ने बहुत से कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं के लिए गौअभ्यारण, नंदी शालाएं खोलने का काम किया गया है और गौशालाओं में गायों को एकत्रित कर भेजने का काम किया गया हैं। इसी प्रकार, गौसेवा आयोग गठन किया गया तथा 4.5 लाख गौवंश को गौशालाओं में भेजने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक नीति बनाई है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था 1000 रूपए प्रति एकड प्रति साल के तहत भूमि लेकर गौशाला संचालित कर सकता हैं।

श्री दलाल ने कहा कि पंचकूला में स्थापित गौशाला में गौबर से खाद बनाने का काम किया गया है और इसी प्रकार, इस गौशाला में नैचूरल पेंट बनाने का काम भी किया गया हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय गैस प्राधिकरण द्वारा गैस खरीदने के लिए विभिन्न समझौते किए गए हैं।

इसे भी पढ़ें: यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कर रही प्रयत्न, - गृह मंत्री अनिल विज

उन्होंने बताया कि राज्य में 600 गौशालांए चल रही हैं और इनमें 4.5 लाख गौवंश को रखा गया है तथा इसी प्रकार, एक लाख बेसहारा गौवशं को गौशालाओं में रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती का जिक्र करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती में भी गौवंश बहुत योगदान हैं और सरकार इस ओर अग्रसर है कि इस पर एक नीति तैयार की जाए ताकि खाद का पैसा बचे और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा सकें। श्री दलाल ने कहा कि वर्ष 2014 से 2022 के दौरान गौशालाओं का बजट दुगुना किया गया हैं। श्री दलाल ने कहा कि इसी तरह लाखों कुत्तो का स्टरलाईजेशन किया गया है।

प्रमुख खबरें

Eye Makeup Mistakes: काजल लगाते समय ये 5 गलतियां न करें, आंखें दिखेंगी छोटी और डल

West Asia War: IEA की चेतावनी- 1970 से भी बड़ा होगा Energy Crisis, दुनिया भर में मचेगी हाहाकार।

एचडीएफसी बैंक शेयर में गिरावट, लक्ष्य मूल्य कटौती और प्रबंधन विवाद से बढ़ी चिंता

Hormuz Strait पर Iran की चेतावनी से सहमा बाजार, Crude Oil महंगा, Gold Price धड़ाम!