By अंकित सिंह | Oct 05, 2026
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को मुंबई में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के संयुक्त विरोध मार्च पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे अलग हो चुके चचेरे भाइयों की अपनी खोई हुई राजनीतिक ज़मीन वापस पाने की कोशिश बताया। फडणवीस ने दोनों नेताओं का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें 'गजनी' कहा—यह बॉलीवुड फ़िल्म 'गजनी' के उस किरदार का ज़िक्र था जो अपनी याददाश्त खोने के लिए जाना जाता है। उनकी यह टिप्पणी उद्धव और राज ठाकरे द्वारा दक्षिण मुंबई में एक संयुक्त मार्च की अगुवाई करने के कुछ घंटों बाद आई। इस मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को रद्द करने की मांग की गई थी।
फडणवीस ने कहा कि घटनाओं का क्रम ही ठाकरे परिवार के आरोपों को गलत साबित करता है। उन्होंने पूछा कि 2026 की SIR और 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बनने वाला व्यक्ति 2024 के चुनावों को कैसे प्रभावित कर सकता है? मुख्यमंत्री ने ठाकरे परिवार पर ऐसे दावे करने का आरोप लगाया जो उनकी नज़र में जांच में टिक नहीं पाते। उन्होंने कहा कि झूठ बोलते समय भी कम से कम ऐसी बात कहनी चाहिए जिस पर यकीन किया जा सके। लेकिन वे खुलेआम झूठ बोल रहे हैं, और जब लोगों ने उन्हें नकार दिया है, तो वे अपनी हताशा चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं।
4 अक्टूबर को हुए 'विराट गर्जना मोर्चा' नाम के विरोध प्रदर्शन में, सालों की राजनीतिक दुश्मनी के बाद उद्धव और राज ठाकरे के बीच सहयोग का एक और सार्वजनिक प्रदर्शन देखने को मिला। उनकी पार्टियां महाराष्ट्र की राजनीति में एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही हैं। यह मार्च दक्षिण मुंबई से शुरू हुआ और बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) मुख्यालय के पास खत्म हुआ। इसमें कांग्रेस और शरद पवार की अगुवाई वाली NCP (SP) समेत विपक्षी पार्टियों ने भी हिस्सा लिया।