By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026
क्या भारत ने अमेरिका से कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद पत्रकारों के सवाल ना लिए जाएं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गौर ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है। सर्जियो गौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 17 जून को हुई मुलाकात को लेकर स्टेज के पीछे हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी है। सर्जियो गोर के मुताबिक भारत ने अमेरिका से कहा था कि दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद मीडिया के सवाल जवाब नहीं होने चाहिए। ट्रंप ने पहले इस बात पर हामी भरी लेकिन मुलाकात शुरू होने के बाद उन्होंने खुद पत्रकारों से सवाल पूछने को कह दिया। इसके बाद जो बातचीत शुरू हुई वो करीब 45 मिनट तक चली और इसमें कई बड़े मुद्दों पर सवाल हुए। सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत, हाई-लेवल मीटिंग की तैयारियों का एक सामान्य हिस्सा है। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर के उस आरोप के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली ने अनुरोध किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में अपनी मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत न करें।
गौर के मुताबिक इस दौरान भारत के विदेश मंत्रालय यानी कि एमईए की एक बात सामने आई। भारत चाहता था कि मुलाकात के दौरान मीडिया को कमरे में आने दिया जाए। लेकिन पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस ना हो जिसमें सवाल जवाब भी हो और पत्रकारों को सवाल पूछने का मौका ना दिया जाए। गौर ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से कहा कि भारतीय पक्ष सवाल नहीं चाहता है। ट्रंप ने जवाब दिया कि ठीक है कोई दिक्कत नहीं। इसके बाद मीटिंग शुरू हुई। कमरे में पत्रकार और कैमरे मौजूद थे। गौर के मुताबिक वहां करीब 50 कैमरे थे। प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर कुछ मिनट अपनी शुरुआती बातें रखी उन्होंने। लेकिन इसके तुरंत बाद ट्रंप ने कैमरों की तरफ देखा और पत्रकारों से पूछा कोई सवाल? बस यहीं से पूरा मामला बदल गया। गौर ने कहा कि ट्रंप के इस सवाल के बाद सब कुछ खुल गया और जो बातचीत हुई वह करीब 45 मिनट तक चली। इस दौरान पत्रकारों ने दोनों नेताओं से कई मुद्दों पर सवाल किए।
इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि उच्च स्तरीय यात्राओं से पहले नेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति की व्यवस्थाओं पर चर्चा होना एक सामान्य प्रक्रिया है। एक सरकारी सूत्र ने बताया किसी भी वीवीआईपी (VVIP) दौरे से पहले नेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति की व्यवस्था को लेकर चर्चा होना एक सामान्य चलन है। सूत्र ने आगे कहा इस संबंध में भारतीय पक्ष ने ऐसी यात्राओं के लिए अपनी मानक प्रक्रिया (स्टैंडर्ड प्रैक्टिस) से अवगत करा दिया था। ये टिप्पणियां फ्रांस में मोदी-ट्रंप की बैठक और उसके बाद हुई मीडिया बातचीत की व्यवस्थाओं पर ध्यान आकर्षित होने के बीच आई हैं।