Vanakkam Poorvottar: क्या आप जानते हैं कि Kerala में शराब की दुकानों में 50% कर्मचारी महिलाएं हैं? आखिर ऐसा क्यों है?

By नीरज कुमार दुबे | Sep 21, 2024

पूरे देश में शराब की दुकानों में महिलाओं का काम करना अब भी सामाजिक वर्जना के तौर पर देखा जाता है; लेकिन केरल इसका अपवाद है। राज्य की सरकारी शराब विपणन कंपनी केरल स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन (बेवको) के मुताबिक अब उसके कर्मचारियों में करीब 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। हम आपको बता दें कि केरल देश का संभवत: पहला राज्य है जहां पर शराब की दुकानों में इतनी संख्या में महिला कर्मचारी काम कर रही हैं। यहां इसे अन्य सरकारी नौकरी की तरह एक नौकरी के रूप में देखा जाता है।

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केएसबीसी की प्रबंध निदेशक हर्षिता अत्तालुरी का इस बारे में कहना है कि दस साल पहले महिलाएं अदालत गईं और बेवको में काम करने का अपना अधिकार प्राप्त किया। इससे पहले शराब की दुकानों में काम करने के लिए महिलाओं की भर्ती नहीं की जाती थी और अदालत ने सरकार को महिलाओं की भर्ती करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि अब हमारे कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में बेवको की दुकानों को महिलाओं के काम करने के लिहाज से मुश्किल माना जाता था लेकिन समय बीतने के साथ महिलाओं ने पाया कि उन दुकानों में काम करना सुरक्षित है और शायद ही उन्हें किसी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। हर्षिता अत्तालुरी ने बताया कि अगर ग्राहक द्वारा दुर्व्यवहार की कोई शिकायत सामने आती है तो हम तत्काल प्रतिक्रिया करते हैं और पुलिस कार्रवाई करती है।

शराब की दुकान में काम करने वाली एक अन्य महिला कर्मचारी संगीता ने कहा, ‘‘हमारी एक ही समस्या यह है कि काम के घंटे अधिक हैं लेकिन प्रत्येक पेशे की अपनी चुनौती होती है। हमने पाया कि अधिकतर ग्राहकों का व्यवहार मित्रवत और सहयोगात्ममक रहता है।’’ हम आपको बता दें कि बेवको कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से रात नौ बजे तक काम करना होता है और सरकार द्वारा घोषित ‘ड्राई डे’ के दिन ही छुट्टी मिलती है।

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