By अंकित सिंह | May 17, 2025
सरकार पर अपने दृष्टिकोण में बेईमान होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि वह पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद पर भारत की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए विदेशी देशों में सरकार के प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडलों के लिए अपने चार नामित सांसदों के नाम नहीं बदलेगी। यह तब हुआ है जब सरकार ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को उन सात सांसदों में शामिल किया है जो अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां उनसे ऑपरेशन सिंदूर के बारे में वैश्विक नेताओं को जानकारी देने की उम्मीद है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शशि थरूर का नाम लिए बगैर कहा कि ‘‘कांग्रेस में होने और कांग्रेस के होने में जमीन आसमान का फर्क है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में ईमानदारी नहीं सिर्फ शरारत दिखाई है और वह ध्यान भटकाने का खेल खेल रही है क्योंकि उसका विमर्श ‘पंचर’ हो गया है। उनका यह भी कहा कि यह अच्छी लोकतांत्रिक परंपरा रही है कि आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसद अपनी पार्टी नेतृत्व से अनुमति लेते हैं।
उन्होंने कहा कि यह संभव है कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार द्वारा निर्णय लिए जाने के बाद भी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की हो। उन्होंने कहा कि वह रिजिजू को संदेह का लाभ देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस तरह से स्थिति को संभाला गया वह बेईमानी थी और उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस अपने द्वारा प्रस्तावित चार नामों में कोई बदलाव नहीं करेगी। रमेश ने कहा, "कल (मंगलवार) दोपहर 12:30 बजे राहुल जी ने किरण रिजिजू को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया: 'प्रिय श्री किरण रिजिजू, मैं विदेश में प्रतिनिधिमंडल के बारे में अपने और खड़गे जी के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह पत्र लिख रहा हूं। खड़गे जी से सलाह लेने के बाद मैं आपको चार नाम भेज रहा हूं: आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, राजा बरार और नसीर हुसैन।"