By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 07, 2021
तोक्यो। किसी और टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहकर अदिति अशोक कोदुख नहीं होता लेकिन यह ओलंपिक था और भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इस भारतीय गोल्फर ने कहा कि यहां चौथे स्थान पर रहकर खुश होना संभव नहीं है। कल रात दूसरे स्थान पर काबिज अदिति चौथे और आखिरी दौर के बाद तीन अंडर 68 और कुल 15 अंडर 269 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर खिसक गई। उन्होंने कहा ,‘‘ किसी और टूर्नामेंट में मुझे खुशी होती लेकिन ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहकर खुश होना मुश्किल है। मैने अच्छा खेला और अपना शत प्रतिशत दिया। ’’
कड़ी मेहनत और अपने खेल का पूरा मजा लेकर आप यहां तक पहुंच सकते हैं।’’ यह पूछने पर कि क्या उन्हें इसकी जानकारी है कि मिल्खा सिंह जैसे महान खिलाड़ी ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे हैं और अब वह उनकी श्रेणी में है, अदिति ने कहा ,‘‘ नहीं मुझे नहीं पता था कि मैं उस क्लब में हूं। उस क्लब में शामिल नहीं होना चाहती थी लेकिन हो गई। वैसे अच्छा है।ओलंपिक में शीर्ष पांच या दस में रहना अच्छा है।’’ अदिति लेडीज यूरोपीय टूर क्वालीफाइंग स्कूल जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी थी। लेडीज यूरोपीय टूर पर जीत दर्ज करने वाली वह पहली भारतीय बनी जब उन्होंने 2016 में हीरो महिला इंडियन ओपन जीता। अब तक वह 18 मेजर खेल चुकी है जो पुरूष और महिला दोनों वर्ग में किसी भारतीय का रिकॉर्ड है।