Digital Arrest : पीड़ितों को मुआवजा देने पर विचार करने के लिए हितधारकों की बैठक आयोजित करने का केंद्र को निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 17, 2025

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए न्याय मित्र द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने को कहा, साथ ही साइबर अपराधियों द्वारा देश से निकाली गई भारी रकम पर चिंता व्यक्त की।

‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है जिसमें धोखेबाज कानून प्रवर्तन अधिकारियों, अदालती अधिकारियों या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों के रूप में खुद को पेश करते हैं और ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे ठगते हैं।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के मुद्दे पर विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही एक अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उठाए गए मुद्दे और न्याय मित्र एन एस नप्पिनै के सुझाव शामिल होंगे।

प्रधान न्यायाधीश कांत ने कहा, ‘‘इन जालसाजों द्वारा देश से निकाली गई भारी धनराशि देखकर हम स्तब्ध हैं।’’ न्याय मित्र ने ब्रिटेन के मॉडल की तर्ज पर पीड़ित मुआवजा योजना शुरू करने का सुझाव दिया।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

इधर बजट पेश, उधर आई बड़ी खुशखबरी! IMF ने ग्लोबल ग्रोथ में भारत को US से रखा आगे, मस्क बोले- शक्ति का संतुलन बदल रहा है

T20 World Cup 2026 में खेलेगा पाकिस्तान, पर Colombo में Team India से भिड़ने से किया इनकार!

अमेरिका में एक बार फिर से सरकार का शटडाउन! ट्रंप की नीतियों के कारण अटका फंडिंग बिल

ड्रैगन का ब्रोकर बना पाकिस्तान, मुस्लिम देशों को चिपका रहा चीनी फाइटर जेट