By अभिनय आकाश | Feb 01, 2026
एक तरफ देश में आम बजट पेश हुआ है और दूसरी तरफ भारत के लिए एक ऐसी खुशखबरी सामने आई है जो सिर्फ आंकड़ों की नहीं बल्कि ग्लोबल पावर शिफ्ट की कहानी कहती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के ताजा अनुमान के मुताबिक साल 2026 में ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में भारत का योगदान दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा होगा। पहले नंबर पर चीन लेकिन भारत अब अमेरिका से आगे निकल चुका है। इतना ही नहीं चीन और भारत मिलकर ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ का करीब 44% योगदान देने वाले हैं। आईएमएफ के मुताबिक साल 2026 में ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ में चीन का योगदान होगा करीब 26.6% जबकि भारत 17% के साथ दूसरे नंबर पर रहेगा। वहीं अमेरिका का योगदान 9.9% रहने का अनुमान है। यानी चीन और भारत मिलकर दुनिया की कुल आर्थिक ग्रोथ का लगभग 43.6% हिस्सा अकेले पैदा करेंगे। अरबपति उद्योगपति एलन मस्क ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'दुनिया में शक्ति का संतुलन बदल रहा है।
वैश्विक मुद्रास्फीति में कमी आने की उम्मीद है, हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका में मुद्रास्फीति के लक्ष्य तक पहुंचने में अधिक समय लगने की संभावना है। प्रमुख जोखिमों में प्रौद्योगिकी-आधारित विकास की उम्मीदों का पुनर्मूल्यांकन और भू-राजनीतिक तनावों में वृद्धि शामिल हैं। विशेष रूप से भारत के लिए, 2025 के लिए विकास दर को 0.7 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया गया है, जो तीसरी तिमाही के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन और चौथी तिमाही में मजबूत गति को दर्शाता है। चक्रीय और अस्थायी कारकों के कम होने के कारण 2026 और 2027 में विकास दर 6.4 प्रतिशत तक धीमी होने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जहां चीन में मुद्रास्फीति के निम्न स्तर से धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, वहीं भारत में खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण 2025 में आई तेज गिरावट के बाद मुद्रास्फीति के लक्ष्य के करीब पहुंचने की संभावना है।