By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 05, 2026
नयी दिल्ली, पांच अगस्त राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के एक सदस्य ने औपनिवेशिक प्रतीकों, स्मारकों और अप्रासंगिक कानूनों की गहन समीक्षा के लिए एक राष्ट्रीय आयोग गठित किए जाने की मांग की। भाजपा सदस्य दिनेश शर्मा ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मांग की। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी भारत औपनिवेशिक मानसिकता से उबर नहीं पाया है।
साथ ही आक्रांताओं के नाम के सभी स्मारक हटाए जाएं।’’ विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा के अशोक कुमार मित्तल ने विदेशों में बसे भारतीय लोगों पर बढ़ते नस्ली हमलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के अन्य क्षेत्रों से हर साल लाखों लोग सुनहरे भविष्य के लिए विदेश जाते हैं। लेकिन सवाल है कि क्या भारतीय नागरिक वहां सुरक्षित हैं।
मित्तल ने कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया और एक प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग की। उन्होंने एक मजबूत वैधानिक ढांचा बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया जिसके तहत विदेशों में भारतीय लोगों को जरूरत पड़ने पर तत्काल कानूनी सहायता, वित्तीय सहायता और संकट के समय न्याय व सुरक्षित वापसी की गारंटी मिल सके। विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा के सतपाल शर्मा ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष केंद्रीय वित्तीय सहायता दिए जाने की मांग की।
आम आदमी पार्टी (आप) के संत बलवीर सिंह, भाजपा के बाबूभाई जेसंगभाई देसाई, माया नारोलिया, मनोनीत सतनाम सिंह संधू और निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने भी विशेष उल्लेख के जरिए अपने-अपने मुद्दे उठाए।