By अभिनय आकाश | Nov 03, 2026
एक तरफ पाकिस्तान के हुक्मरान दुनिया भर में कटोरा लेकर घूम रहे हैं और बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों व खनिज संपादक को बेचकर अपनी कंगाल तिजोरी भरने के सपने देख रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ हकीकत यह है कि बलूचिस्तान अब पाकिस्तानी सेना के लिए एक ऐसा नर्क बन चुका है जहां हर कोने से लाशें ही लाशें निकल रही हैं। जिस बलूचिस्तान के दम पर पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के ख्वाब देखते हैं। उसी जमीन पर विद्रोही संगठन ने पाकिस्तानी फौज की नाक में दम कर रखी है और फौजियों को चुन चुन कर जहन्नुम पहुंचाया जा रहा है। पाकिस्तान की ताकत का ढिंढोरा पीटने वाली सेना बलूचिस्तान की गलियों में चूहे की तरह बिल में छिपने को मजबूर हो गई है। हाल ही में नुस्की और खारान जिलों में जो कुछ हुआ उसने पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ा कर रख दी। नुस्की जिले के अहमदवाल इलाके में हथियारबंद लड़ाकों ने पैदल और गाड़ियों में चल रहे पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को इस तरह निशाना बनाया कि वह संभलने का मौका तक नहीं पा सके। खरान जिले में सैन गाड़ियों के परकच्छे उड़ गए और बारूदी सुरंगों के खौफ से पाकिस्तानी फौज की आवाजाही ठप पड़ गई।
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स यानी बीआरजी ने कच्ची जिले के सन्ने इलाके में पाकिस्तानी सेना के शिविर पर धावा बोलकर उस पर कब्जा कर लिया और 12 सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। बलूच विद्रोहियों ने डेरा भुक्ति के सुई इलाके से पंजाब तक गैस ले जाने वाली मुख्य पाइपलाइन को धमाके से उड़ाकर पाकिस्तान इकॉनमी के मुंह पर एक और जोरदार तमाचा जड़ा है। पंजाब तक गैस पहुंचाने वाली इस लाइफलाइन को तबाह करके विद्रोहियों ने साबित कर दिया कि वे जब चाहे पाकिस्तान की कमर तोड़ सकते हैं। पाकिस्तान के हुक्मरान बलूचिस्तान के खजाने को लूट कर अपनी बर्बादी छुपाना चाहते हैं। वे विदेशी निवेशकों को लुभाने के झूठे सपने दिखाते हैं। लेकिन जो देश अपनी सैनिकों की ही जान नहीं बचा पा रही वहां कौन सा विदेशी अपनी तिजोरी खाली करने आएगा। एक तरफ बलूचिस्तान में विद्रोहियों की गोलियों और बारूदी सुरंगे पाकिस्तानी फौज का शिकार कर रही हैं। तो वहीं तो दूसरी तरफ खैबर प्तुनफ्वा में भी सुरक्षा का जनाजा निकल चुका है। पाकिस्तान के सामने आज सबसे बड़ा संकट यह है कि वो खनिज बेचे या अपनी पिट रही फौज की लाशें गिने। बलूचिस्तान की सुलगती जमीन यह चीख-चीख कर कह रही है कि पाकिस्तान के जुल्मों का अंत अब नजदीक है और उसकी बर्बादी का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।