By अभिनय आकाश | Aug 05, 2026
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बुधवार को कहा कि राज्य AI-आधारित आपदा प्रबंधन और लचीलापन कार्यक्रम शुरू करेगा, जो देश के सबसे असरदार कार्यक्रमों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम केरल की खास भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा और मौसम में अचानक बदलाव की शुरुआती चेतावनी देने वाले सिस्टम को मजबूत करेगा। आपदा प्रबंधन में ओडिशा की सफलता का ज़िक्र करते हुए सतीसन ने कहा कि केरल को भी वैसा ही बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य दुनिया भर के जाने-माने जलवायु और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों की मदद से देश का सबसे आधुनिक मौसम पूर्वानुमान सिस्टम बनाएगा और साथ ही आपदा की आशंका वाले इलाकों की पहचान करने के लिए बाढ़ मैपिंग भी करेगा।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत, सरकार बांधों से गाद (सिल्ट) हटाने का काम करेगी और नदियों व अन्य जल निकायों से जमा गाद, रेत और कचरा हटाएगी ताकि उनकी पानी रखने की क्षमता बढ़ाई जा सके और बाढ़ को कम किया जा सके। सतीसन ने आरोप लगाया कि 2018 से गाद हटाने का कोई काम नहीं हुआ है, जिससे नदियों की तलहटी में गाद और मलबा जमा हो गया है और उनकी पानी ले जाने की क्षमता कम हो गई है। उन्होंने कहा, "इससे हल्की बारिश में भी बाढ़ या जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सतीशन ने कहा कि सरकार कार्रवाई के लिए किसी और बाढ़ का इंतज़ार नहीं करेगी और मॉनसून के कम होते ही पूरे राज्य में गाद हटाने का ज़रूरी काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्व और जल संसाधन विभागों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं।