By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) में दुनिया भर से व्यावसायिक महत्व वाली चावल की लगभग 200 किस्मों को प्रदर्शित किया जा रहा है। अपनी तरह का यह पहला वैश्विक संग्रह अगले महीने नयी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक ही स्थान पर विभिन्न किस्मों के चावल की तुलना करने और संभावित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा गैर-बासमती किस्में जैसे पीआर-11, पीआर-14, परमल और सोना मसूरी को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस संग्रह में क्षेत्रीय और पारंपरिक किस्में भी शामिल होंगी, जिनमें केरल से नवारा तथा रक्तशाली, तमिलनाडु से सीरागा सांबा, मपिल्लई सांबा तथा करुप्पु कावुनी, छत्तीसगढ़ से दुबराज, पश्चिम बंगाल से तुलाईपंजी, मणिपुर से चाक-हाओ काला चावल, असम से जोहा चावल, उत्तर प्रदेश से काला नमक, मध्य प्रदेश से चिन्नौर, महाराष्ट्र से आंबेमोहर और कश्मीर से मुश्कबुदजी शामिल हैं। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के देव गर्ग ने कहा, पहली बार बीआईआरसी में आने वाला कोई वैश्विक खरीदार एक ही स्थान पर व्यावसायिक रूप से प्रासंगिक किस्मों की विस्तृत शृंखला देख सकेगा, उनकी तुलना कर सकेगा और फिर तुरंत आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क साध सकेगा।
हमारा मानना है कि यह चावल संग्रह नए उत्पादों की खोज का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है।