DK Shivakumar ने Ballari में BJP की रैली को दी अनुमति, अधिकारियों को दिए निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026

बेंगलुरु/बल्लारी, आठ सितंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह किसी को भी प्रदर्शन करने से नहीं रोकेंगे और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भाजपा को बल्लारी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज मैदान में 10 सितंबर को जनसभा आयोजित करने की अनुमति दें। विपक्षी भाजपा ने दावा किया कि सरकार ने दबाव में आकर अनुमति देने का फैसला किया है, जबकि शुरुआत में उसने प्रदर्शन को मंजूरी देने से इनकार कर पार्टी (भाजपा) को रोकने की कोशिश की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इससे पहले कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार और विफलताओं के खिलाफ अपनी 10 दिवसीय पदयात्रा के समापन के अवसर पर मैदान में जनसभा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) आपको गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने (अधिकारियों से) कहा है कि वे जिस सबसे बड़े मैदान की मांग करें, वह उन्हें दिया जाए। मैंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सड़कों पर कोई बाधा न हो, बस इतना ही।

मैं किसी को नहीं रोकूंगा।’’ बेंगलुरु में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें सौ प्रेस वार्ताएं करने दें और सौ बयान तथा आरोप लगाने दें। वे जो भी आरोप लगाएं, सब झूठ है।

राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) खुद झूठ का पुलिंदा है। जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कहा करते थे, झूठ उनका इष्ट देवता है। उन्हें जो करना है, करने दें।’’ सूत्रों के अनुसार, अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद शिवकुमार ने बल्लारी के उपायुक्त से बात की और उन्हें मंजूरी देने का निर्देश दिया।

सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने अनुमति नहीं दिए जाने के मुद्दे को ‘‘बड़ा मुद्दा’’ बनाने का फैसला किया था और कांग्रेस सरकार को ‘‘अलोकतांत्रिक’’ तथा ‘‘असंवैधानिक’’ बताने के उद्देश्य से आंदोलन की योजना बनाई थी। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने शुरू में अधिकारियों पर अनुमति नहीं देने के लिए दबाव डाला था, लेकिन भाजपा के प्रयासों के चलते प्रशासन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करके अनुमति देनी पड़ी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के दबाव के बीच उपायुक्त असहाय नजर आ रहे थे।

सरकार का कहना था कि किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जानी चाहिए-उन्हें जहां करना है, करें, अगर चाहें तो शहर के बाहर करें। राज्य सरकार की ओर से उपायुक्त पर ऐसा दबाव था, इसलिए हमारे कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई। हमने प्रशासन के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान भी किया था।’’ विजयेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा ने तय किया था कि यदि अनुमति नहीं दी गई तो वह उपायुक्त कार्यालय के सामने जनसभा करेगी।

उन्होंने कहा, “लेकिन हमें खुशी है कि हमारे दबाव के आगे झुकते हुए प्रशासन ने अनुमति दे दी। मैं राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र में इस तरह के प्रदर्शनों और आंदोलनों को दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पदयात्रा के रूप में हमारा आंदोलन वैध और शांतिपूर्ण है।

हम किसी तरह की हिंसा नहीं कर रहे हैं। इसे दबाने का कोई भी प्रयास अलोकतांत्रिक है और किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।’’ भाजपा ने 10 सितंबर को अपराह्न तीन बजे से रात आठ बजे तक मैदान में जनसभा आयोजित करने की अनुमति मांगी थी और प्राधिकारियों को बताया था कि इसमें 50,000 से अधिक लोगों एवं गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। बल्लारी जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल कुमार मोका को सात सितंबर को भेजे गए एक पत्र में बल्लारी और विजयनगर जिलों के प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग के उप निदेशक ने 2015 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के मैदानों और भवनों का ऐसे आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देने के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

पत्र में कहा गया कि निर्देशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित कॉलेज के प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। पत्र में कहा गया था, “उपरोक्त के मद्देनजर, बल्लारी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज मैदान में 10 सितंबर को प्रस्तावित बड़ी जनसभा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसलिए, आपके अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता।

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