Saharanpur Mosque Demolition: जमीयत उलमा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा सहारनपुर, कानूनी विकल्पों पर मंथन

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026

सहारनपुर (उप्र), आठ सितंबर सहारनपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को प्रशासन द्वारा गिराए जाने के मामले में जमीयत उलमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में सहारनपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले से जुड़े वकीलों तथा सामाजिक-राजनीतिक लोगों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। टीम ने पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, सांसद इमरान मसूद, स्वर्गीय याकूब खान के पौत्र फिरोज खान, शाह हारून खान समेत कई अधिवक्ताओं से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि जमीयत इस मामले की कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ेगी और यदि स्थानीय लोग उच्‍च न्‍यायालय जाना चाहते हैं तो संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। फिलहाल उच्‍च न्‍यायालय और उच्चतम न्यायालय में उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि वकीलों की टीम सभी दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं की जांच करेगी।

किसी भी प्रभावित पक्ष को अपने बचाव और संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल का मौका मिलना चाहिए। अदालत का रुख करना हर नागरिक का अधिकार है। पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि मस्जिद मामले की लड़ाई कानून के दायरे में रहकर हर स्तर पर लड़ी जाएगी।

यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि मस्जिद के पुनर्निर्माण की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि जिस आदेश के आधार पर कार्रवाई हुई, उसमें मस्जिद गिराने का आदेश नहीं, बल्कि बेदखली से संबंधित आदेश था, फिर भी प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता नौशाद अहमद ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं, उपलब्ध तथ्यों और संभावित कानूनी कार्रवाई की जानकारी रखी।

प्रमुख खबरें

Rae Bareli पहुंचे Rahul Gandhi, व्यापारियों और वकीलों से मिलकर जानी समस्याएं

Gujarat Assembly के मानसून सत्र में पेश होंगे 9 अहम Bills, 11 सितंबर तक चलेगी कार्यवाही

Punjab में नशा तस्करी पर सवाल उठाने वाले ग्रामीण की मौत, Harpal Cheema पर FIR की मांग

Cauvery Dispute: Tamil Nadu को पानी देने के निर्देश के खिलाफ Supreme Court जाएगी कर्नाटक सरकार