By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 01, 2026
(फाइल फोटो के साथ) बेंगलुरु, एक नवंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार पीले और लाल रंग के कन्नड़ ध्वज को आधिकारिक राज्य ध्वज का दर्जा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसा कानूनी ढांचा लाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ-साथ इसे भी फहराया जा सके। राज्य के स्थापना दिवस ‘कर्नाटक राज्योत्सव’ के अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सरकार बेलगावी में होने वाले आगामी विधानसभा सत्र के दौरान इस विषय पर चर्चा करेगी।
मेरी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक निर्णय लेने को प्रतिबद्ध है कि जिन इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां उनके साथ कन्नड़ ध्वज भी फहराया जाए।’’ शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि सरकार की मंशा एक ऐसा आधिकारिक राज्य ध्वज लाने की है जो कन्नड़ लोगों के स्वाभिमान का प्रतीक हो, ठीक वैसे ही जैसे राज्य का अपना एक अलग गान (राज्य गीत) है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह ‘भारत माता’ की पुत्री ‘कर्नाटक माता’ को समर्पित एक राज्य गान है, उसी तरह हमारी इच्छा है कि एक ऐसा आधिकारिक राज्य ध्वज हो जो कन्नड़ लोगों के स्वाभिमान का प्रतिनिधित्व करे।’’ यह पीला और लाल ध्वज पहले ही कन्नड़ लोगों की भावनाओं का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस ध्वज को आधिकारिक मान्यता देने और इसे ‘राज्य ध्वज’ का दर्जा देने पर विचार कर रहे हैं।
यह ध्वज कर्नाटक की ज्ञान परंपरा, संस्कृति, धार्मिक सद्भाव और शांति को दर्शाता है।’’ यह राज्य ध्वज भारत के संघीय ढांचे के भीतर कर्नाटक की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से बेलगावी के सुवर्ण सौध में शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शिवकुमार ने 71वें कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर यहां राष्ट्रीय ध्वज और कन्नड़ ध्वज फहराया।