DLF और Everstone मिलकर IREO में करेंगे निवेश, 3,750 करोड़ रुपये लगाएगी रियल्टी कंपनी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026

नयी दिल्ली, छह नवंबर रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड, एवरस्टोन के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम (जेवी) में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए 3,750 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। दोनों भागीदार रियल एस्टेट कंपनी आईआरईओ समूह में निवेश करेंगे। गुरुग्राम स्थित आईआरईओ समूह के पास दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और कुछ अन्य शहरों में रणनीतिक स्थानों पर जमीन के बड़े भूखंड हैं।

डीएलएफ पहले भी आईआरईओ समूह से गुरुग्राम में जमीन का एक बड़ा भूखंड खरीद चुकी है। डीएलएफ लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसने एवरस्टोन समूह के साथ एक बाध्यकारी समझौता किया है। इसके तहत दोनों कंपनियां ‘‘आईआरईओ प्राइवेट लिमिटेड और भारत में आईआरईओ समूह की अन्य कंपनियों में निवेश के लिए रणनीतिक सहयोग करेंगी और एक संयुक्त उद्यम (जेवी) बनाएंगी।

इन कंपनियों में आईआरईओ समूह के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) कोष (आईआरईओ फंड्स) की हिस्सेदारी है जिनमें प्रतिष्ठित वैश्विक निवेशकों ने निवेश किया हुआ है।’’ डीएलएफ ने कहा कि इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत वह ‘‘जेवी में बहुलांश हिस्सेदारी के लिए करीब 3,750 करोड़ रुपये निवेश करना चाहती है। इस जेवी का आईआरईओ की भारतीय कंपनियों में आर्थिक हित होगा।’’ सिंगापुर मुख्यालय वाले एवरस्टोन की ओर से किए जाने वाले निवेश का खुलासा नहीं किया गया है। कंपनी सूचना के अनुसार, आईआरईओ फंड्स के साथ पक्षों द्वारा अलग से हस्ताक्षरित एक बाध्यकारी और विशिष्ट शर्त-पत्र के तहत प्रस्तावित जेवी इन कंपनियों में कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए निवेश करना चाहती है।

इसके साथ उसे शासन से जुड़े कुछ अधिकार भी मिलेंगे। आईआरईओ की भारतीय कंपनियों में जेवी का कुल आर्थिक हित करीब 40 प्रतिशत होगा, जबकि शेष हिस्सेदारी आईआरईओ फंड्स के पास रहेगी। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक अशोक कुमार त्यागी ने कहा, ‘‘इस रणनीतिक निवेश के लिए एवरस्टोन समूह के साथ साझेदारी करके हमें खुशी है।

उद्योग के मजबूत अनुभव और वैश्विक निवेश क्षमता को एक साथ लाकर हम आईआरईओ की भारतीय कंपनियों की विकास क्षमता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं।’’ इस सौदे के अगले साल पूरा होने की उम्मीद है। एवरस्टोन समूह के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर सैन ने कहा कि समूह ने डीएलएफ के साथ साझेदारी की है जिसके पास ऐसे बाजार में काम करने की असाधारण क्षमताएं हैं, जिसे वे बहुत अच्छी तरह समझते हैं। डीएलएफ बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है।

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