द्रमुक ने पुदुचेरी की उपराज्यपाल की कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाकर किया हंगामा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 03, 2019

नयी दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को द्रमुक के टी आर बालू ने पुदुचेरी की उपराज्यपाल की कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया और उसे सांसदों का अपमान बताया। इस विषय पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बिना नोटिस के, संवैधानिक पदों पर असीन लोगों का नाम लेने से मना करने पर द्रमुक सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कार्यवाही के संचालन से जुड़ी नियमों एवं प्रक्रिया की पुस्तिका में स्पष्ट है कि ऐसे किसी विषय को उठाने के लिये सदस्य को उपयुक्त प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विषय को तभी उठाया जा सकता है जब उपयुक्त प्रस्ताव लाया जाए। 

सिंह ने कहा कि वह कहना चाहते हैं कि अगर उपराज्यपाल के व्यवहार को लेकर सदस्य चर्चा करना चाहते हैं तब नोटिस देकर अनुमति लेना चाहिए। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कहा कि द्रमुक सदस्य को इस बारे में उपयुक्त प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने द्रमुक सदस्यों से कहा कि आप नोटिस डाल दें, चर्चा करायेंगे। सदन में इस विषय को उठाते हुए टी आर बालू ने कहा कि पुदुचेरी की उपराज्यपाल की टिप्पणी गलत है, यह तमिलनाडु के सांसदों का अपमान है। इस विषय पर ध्यान देने की जरूरत है। एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी ने भी द्रमुक सदस्यों का समर्थन किया। 

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लोकसभा अयक्ष ने कहा कि बालू वरिष्ठ सदस्य है और बिना उपयुक्त प्रस्ताव के संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों पर टिप्पणी उपयुक्त नहीं है। इसके लिये प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। 

इस पर द्रमुक सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने द्रमुक सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने का आग्रह करते हुए कहा कि हम सदन में पहली बार चुनकर आईं 46 महिला सदस्यों को बात रखने का मौका दे रहे हैं और आप इसमें बाधा डाल रहे है। हालांकि, इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रमुक सदस्य द्वारा उठाये गए विषय पर सरकार की ओर से बात रखी । इसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चली।

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गौरतलब है कि पुदुचेरी की उपराज्यपाल ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘‘संभावित उत्तर के साथ एक प्रश्न भारत का छठा सबसे बड़ा शहर चेन्नई देश में सूखाग्रस्त सबसे पहला शहर है केवल चार साल पहले हुई बारिश के कारण यहाँ बाढ़ आई थी तो समस्या कहाँ है? उत्तर खराब शासन, भ्रष्ट राजनीति, उदासीन नौकरशाही और स्वार्थी तथा कमज़ोर लोग’’शून्यकाल के दौरान ही कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने विपक्षी सदस्यों को भी बात रखने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसका समर्थन करते देखा गया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि वह लॉटरी के तहत आए नामों को पहले ले रहे हैं और कल सोनिया गांधी को भी बात रखने का पर्याप्त मौका दिया गया था। 

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