By अभिनय आकाश | Feb 03, 2026
तमाम तनातनी के बीच भारत और अमेरिका के बीच आखिरकार महीनों चला ट्रेड वॉर खत्म हो गया है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील पर सहमति भी बन गई है। ट्रंप ने टेरिफ कैसे घटाया? क्यों घटाने पर मजबूर हुए? और डील की पूरी कहानी क्या है? तमाम पहलुओं पर बात करने के साथ ही आपको बताते हैं कि ट्रंप के खास दूत ने कैसे भारत में दस्तक देने के महज 21 दिनों के भीतर ही टैरिफ विवाद को सुलझा कर डील डन करवा दिया। जी हां, बात अमेरिका के राजदूत और ट्रंप के करीबी माने जाने वाले सार्जियो गोर की कर रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले 21 दिन बहुत अहम है। पिछले 21 दिनों में भारत और अमेरिका के बीच काफी कुछ हुआ। दोनों तरफ से तमाम अधिकारियों और नेताओं के बीच मुलाकातें हुई। भारत के भी कुछ मंत्री अमेरिका के दौरे पर गए और अमेरिका के भी कई अधिकारी भारत के दौरे पर आए। इसमें जो सबसे अहम किरदार रहा वो ट्रंप के खास दूत सर्जियो गौर का रहा।
अपना पदभार संभालने के बाद सरियो गौर ने कहा कि डील पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सच्ची दोस्ती है और सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं। लेकिन आखिर में वे हमेशा मतभेदों को सुलझा लेते हैं। यह बड़ा बयान उनकी तरफ से माना गया और सर्जियो गौर का यह बयान ऐसे वक्त में आया था जब कुछ अमेरिकी अधिकारी लगातार डील पर साइन करने में देरी को लेकर भारत को ही जिम्मेदार ठहरा रहे थे। तब भारत ने भी अमेरिकी अमेरिकी दावे को खारिज किया था। मतलब भारत झुकने वाला नहीं था। आखिरकार अब डील फाइनल हो चुकी है और इसमें सर्जियो गौर की भी भूमिका बहुत अहम मानी जा रही है क्योंकि सर्जियो गौर ट्रंप के बेहद खास माने जाते हैं।