By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 26, 2024
राजकोट। गुजरात के राजकोट शहर में एक ‘गेम जोन’ में भीषण आग लगने से चार बच्चों समेत 27 लोगों की मौत के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्यों ने रविवार तड़के यहां स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि शव बुरी तरह से जले हुए हैं और उनकी शिनाख्तमें मुश्किलें आ रही हैं इसके लिए शवों और मारे गए लोगों के परिजन के डीएनए के नमूने एकत्र किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार सुबह नाना-मावा रोड पर घटनास्थल और एक अस्पताल का दौरा किया जहां घायल व्यक्तियों को भर्ती कराया गया है।
एसआईटी के प्रमुख अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी ने बैठक से पहले शनिवार रात संवाददाताओं से कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। उन्होंने कहा कि दोषियों का पता लगाने के लिए जांच तत्काल प्रांरभ की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो। त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ हम घटना के सभी पहलुओं को देखेंगे और उनकी कड़ी जांचकरेंगे.... हम जान गंवाने वाले बच्चों को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता, ईमानदारी और समग्रता से काम करेंगे।’’ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) विनायक पटेल ने कहा कि घटनास्थल से 27 शव बरामद किए गए और उन्हें शहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, उनकी हालत स्थिर है।
उन्होंने कहा, ‘‘शव बुरी तरह से जले हुए हैं। हमने शवों की शिनाख्त के लिए शवों से और मारे गए लोगों के परिजन के डीएनए के नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका नहीं है।’’ आग लगने के प्रमुख कारणों के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल पाई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल से शनिवार को बात की और बचाव तथा राहत प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव ने मीडियाकर्मियों से कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी और शहर के सभी ‘गेमिंग जोन’ को परिचालन बंद करने का संदेश जारी किया गया है। पुलिस महानिदेशक ने अग्निकांड के मद्देनजर राज्य के पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को गुजरात के सभी ‘गेम जोन’ का निरीक्षण करने और अग्नि सुरक्षा मंजूरी के बिना संचालित हो रहे ‘गेम जोन’ को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।