By एकता | Mar 02, 2026
रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और चारों तरफ इबादत की रौनक दिखाई दे रही है। यह वही महीना है जिसमें पैगंबर मोहम्मद साहब पर अल्लाह की पाक किताब कुरान का अवतरण (प्रकट होना) हुआ था। मुसलमान इस पूरे महीने रोजा रखकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और नेक राह पर चलने का संकल्प लेते हैं। लेकिन रोजा रखना सिर्फ सुबह से शाम तक भूखे-प्यासे रहना नहीं है, बल्कि यह अपने मन, जुबान और व्यवहार को भी शुद्ध करने का एक जरिया है।
रमजान के दौरान अपनी सेहत की अनदेखी न करें। सुबह की सहरी कभी न छोड़ें, क्योंकि यह आपको दिनभर ऊर्जा देती है। इफ्तार में बहुत ज्यादा तला-भुना खाने के बजाय फल, जूस और पानी का ज्यादा इस्तेमाल करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। रमजान की आखिरी 10 रातों में लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) की तलाश करें, जिसे हजार महीनों से भी अफजल रात माना गया है। फिजूलखर्ची से बचें और इस महीने की शांति व सुकून को महसूस करें।