By अनन्या मिश्रा | Dec 04, 2023
भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित खुजराहो एक बेहद शानदार शहर है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। खुजराहो के मंदिरों के आर्टवर्क से लेकर आर्किटेक्चर तक सब कुछ पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने का काम करता है। देश के मध्यकालीन हिंदू और जैन मंदिरों का सबसे बड़ा समूह भी आपको खुजराहो में देखने को मिलेगा। इसके अलावा सात अजूबों में से एक अजूबा खुजराहो में भी है।
साउंड और लाइट शो
खुजराहो जाने के दौरान आप साउंड और लाइट शो का आनंद लेना न भूलें। यह रात के समय करने लायक चीजों में से एक है पश्चिमी मंदिर ग्रुप द्वारा आयोजित किया जाता है। साउंड और लाइट शो के माध्यम से विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक तथ्यों के अलावा वहां की संस्कृतियों का चित्रण किया जाता है। इस शो को देखने के बाद आप इसे कभी भूल नहीं सकते हैं। यह शो अंग्रेजी और हिंदी दोनों में आयोजित किया जाता है। इस शो के माध्यम से पर्यटकों को मंदिर की नक्काशी, कला और आकर्षक कहानियों के बारे में जानकारी मिलती है।
पन्ना नेशनल पार्क
इसके अलावा आपको यहां पर पन्ना नेशनल पार्क भी जरूर घूमना चाहिए। पन्ना नेशनल पार्क को इस राज्य का 5वां और देश का 22वां टाइगर रिजर्व कहा जाता है। यहां पर आपको सियार, लंगूर, जंगली सूअर, चिंकारा और चीता सहित अन्य वन्यजीव प्रजातियों को देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही जंगल सफारी का आनंद लेते हुए वाइल्ड लाइफ को करीब से एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आप चाहें तो जंगल कॉटेज में भी रह सकते हैं।
अजयगढ़ किला
अगर आपको ऐतिहासिक चीजों में रुचि है, तो आप अजयगढ़ किला भी घूम सकते हैं। यह किला खुजराहो से 80 किमी दूर एक खूबसूरत पहाड़ी पर 688 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस किले को चंदेल राजाओं के किले के तौर पर जाना जाता था। कहते हैं कि उनके शासनकाल में चंदेल राजाओं का गढ़, किलों ने अहम भूमिका निभाई थी।
स्टेट म्यूजियम ऑफ ट्राइबल एंड फोक आर्ट
खजुराहो में चंदेला कल्चरल कॉम्पलैक्स में स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ ट्राइबल एंड फोक आर्ट में बेहतरीन प्राचीन अवशेष और कलाकृतियां मौजूद हैं। इस म्यूजियम में आप कारीगरों के शानदार ट्राइबल वर्क को देख सकते हैं। यहां पर आपको कई संस्कृतियों, परंपराओं और कलाकृतियों और धर्मों के अवशेषों के बारे में जान सकते हैं। यहां पर आकर आपको एक अलग एक्सपीरियंस होगा।
पांडव वॉटरफॉल
जब आप पन्ना नेशनल पार्क घूमने के लिए जाएं, तो इसके पीछे 30 मीटर की ऊंचाई से पांडव वॉटरफॉल गिरता है। इस वॉटरफॉल का पानी नीचे एक तालाब में गिरता है। बताया जाता है कि इस झरने के नीचे से पांडव होकर गुजरे थे। जिस कारण इसे पांडव वॉटरफॉल कहा जाता है। आपको यहां एक बार जरूर आना चाहिए।