By अनन्या मिश्रा | Jun 13, 2026
कई लोगों का मानना है कि दूध पीने से गैस और पेट फूलने की समस्या होती है। इसकी मुख्य वजह 'लैक्टोज इनटॉलेरेंस' है। बता दें कि इसके पीछे का कारण शरीर में लैकेटेज एंजाइम की कमी होती है, जिसको दूध में मौजूद लैक्टोज पचा नहीं पाता है। आज के समय में गैस, पेट दर्द, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं आम हैं। लेकिन इनसे जुड़ी कई गलत धारणाएं आज भी लोगों के बीच मौजूद हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पाचन से जुड़ी कुछ ऐसी अफवाहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी सच्चाई के बारे में आपको भी जानना जरूरी है। जिससे आप अपने न सिर्फ पेट बल्कि सेहत का भी सही तरीके से ध्यान रख सकें।
लेकिन समस्या तब होती है, जब बहुत ज्यादा मसालेदार या तीखा भोजन लगातार खाया जाता है, तो इससे जलन, एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए हमेशा संतुलित मात्रा में मसालों का सेवन करना चाहिए।
यह बात पूरी तरह से सच नहीं है, क्योंकि दूध एक पौष्टिक आहार है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन कुछ लोगों में लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है। इस दौरान शरीर दूध को ठीक से पचा नहीं पाता है। ऐसे लोगों को पेट दर्द, गैस या अपच की समस्या हो सकती है। बाकी लोगों के लिए यह एक हेल्दी ड्रिंक है, जोकि हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर को एनर्जी देने का काम करता है।
बता दें कि हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग-अलग होता है। इसलिए मल त्याग की भी आदत अलग हो सकती है। कुछ लोगों को दिन में एक बार या फिर दो बार भी सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर लंबे समय तक पेट दर्द, कब्ज या भारीपन महसूस होता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इस स्थिति फाइबर युक्त भोजन और पानी की मात्रा बढ़ानी चाहिए।
भले ही एंटासिड दवाएं फौरन राहत देती हैं, लेकिन इनको बार-बार और लंबे समय तक नहीं लेना चाहिए। इनका लगातार इस्तेमाल करने से शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे अन्य सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर एसिडिटी बार-बार हो रही है, तो इसके पीछे के कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लेना चाहिए।
खाना खाने के फौरन बाद थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन खाना खाने के बाद ज्यादा पानी पीने से पाचन रस पतला हो सकता है। इससे पाचन प्रोसेस धीमा हो सकता है। इसलिए खाना खाने के बाद संतुलित मात्रा में पानी पीना चाहिए।