By अंकित सिंह | Mar 07, 2025
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्य विधान परिषद में उस समय अपना आपा खो बैठे, जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की एक सदस्य ने अपने क्षेत्र में बालिका विद्यालयों की अपर्याप्त संख्या का मुद्दा उठाया। राजद विधान पार्षद उर्मिला ठाकुर ने सदन में उठाए गए अपने प्रश्न पर राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। कार्यवाही के दौरान एमएलसी ने अपने बेगूसराय जिले का उदाहरण दिया और दावा किया कि कई गांवों में लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं, क्योंकि निकटतम स्कूल तक पहुंचने के लिए उन्हें चार से पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
परेशानी को भांपते हुए ठाकुर ने रजक से चुप रहने और उन्हें बोलने देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "आपको पता नहीं है कि हमने महिलाओं के लिए क्या किया है। आप खुद महिला हो सकती हैं, लेकिन आपका क्या योगदान रहा है?" इसके बाद कुमार ने अपनी पूर्ववर्ती राबड़ी देवी पर सीधा हमला बोला, जो अब उच्च सदन में विपक्ष की नेता हैं। उन्होंने उन परिस्थितियों को याद किया, जिनमें राबड़ी देवी ने अपने पति, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बाद मुख्यमंत्री का पद संभाला था।
लालू पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि जब उनके पति की स्थिति डूबने लगी, तो उन्होंने अपनी पत्नी को (मुख्यमंत्री पद पर) बिठा दिया। कुमार ने अपनी सीट पर बैठने से पहले गुस्से में कहा, "आपकी पार्टी (राजद) ने कुछ नहीं किया। आप लोग कुछ नहीं जानते। महिलाओं के लिए जो कुछ भी किया गया है, वह मैंने किया है। अब महिलाओं को कोई समस्या नहीं है।"